पंजाब सरकार की ओर से किसानों की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में खेती-बाड़ी और किसान भलाई विभाग, जिला मोगा की ओर से आज एक सिखलाई कैंप का आयोजन किया गया।इस कैंप का मुख्य उद्देश्य किसानों को रबी की फसलों की तैयारी, धान की कटाई के बाद पराली की सही संभाल, और पराली को आग न लगाने के लिए प्रेरित करना था। विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि पराली प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीनी तरीकों जैसे हैप्पी सीडर, सुपर सीडर और रोटावेटर का उपयोग कैसे किया जा सकता है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे और मिट्टी की गुणवत्ता भी बनी रहे।इसके साथ ही किसानों को गेहूं की आगामी बिजाई के लिए उचित बीज, खाद और तकनीकी जानकारी भी दी गई ताकि उपज में बढ़ोतरी हो सके। इस अवसर पर मोगा के डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया (IAS), मोगा की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा, और बाघापुराना के विधायक अमृतपाल सिंह सुखाननंद विशेष रूप से उपस्थित रहे।
विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों के हित में लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मोगा जिले के किसानों को कृषि मशीनरी पर सब्सिडी के रूप में 5 करोड़ रुपये की ग्रांट जारी की है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण उपलब्ध करवा रही है ताकि पराली प्रबंधन के साथ-साथ खेती को पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने से बचें और सरकार द्वारा दिए गए विकल्पों का उपयोग करें।
डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने किसानों से अपील की कि वे पराली को आग लगाने की प्रथा को पूरी तरह समाप्त करें, क्योंकि सरकार द्वारा लगभग 7500 पर्यावरण अनुकूल कृषि मशीनें सब्सिडी पर उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लगातार जन-जागरूकता गतिविधियां चलाई जा रही हैं ताकि कोई भी किसान पराली को आग न लगाए।इस अवसर पर पराली न जलाने वाले 100 किसानों को सम्मानित किया गया और कृषि इनपुट डीलर्स को डिप्लोमा इन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस के प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए।

