जालंधर। कनाडा के शहर सरीं में चल रही उगाही की जांच के बीच एक 22 वर्षीय पंजाबी युवक को देश से निर्वासित कर दिया गया। जांच एजेंसियों ने उसकी तस्वीर सार्वजनिक करते हुए लोगों से सहयोग की अपील की है। यह कदम कनाडा में सक्रिय उगाही गिरोहों पर बढ़ते शिकंजे के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कनाडा पुलिस ने युवक को उगाही से जुड़े मामलों में संदिग्ध के रूप में चिन्हित किया था। इसके बाद मामला आव्रजन अधिकारियों तक पहुंचा और कनाडा बार्डर सर्विस एजेंसी ने कार्रवाई करते हुए उसे भारत वापस भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि तस्वीर जारी करने का उद्देश्य संभावित पीड़ितों और गवाहों तक पहुंच बनाना है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान हो सके।
हाल के वर्षों में कनाडा में बसे कुछ युवकों पर उगाही और संगठित अपराध से जुड़ने के आरोप लगे हैं। जांच एजेंसियां मानती हैं कि सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के जरिए ऐसे नेटवर्क तेजी से फैल रहे हैं। पंजाब में पहले से सक्रिय गैंगस्टर गिरोहों और विदेश में बैठे संचालकों के बीच कथित तालमेल को लेकर भी सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशों में रह रहे युवाओं को अवैध गतिविधियों में फंसाने के लिए लालच, डर और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास आरोपी या उसके संपर्कों से जुड़ी कोई भी जानकारी हो तो संबंधित अधिकारियों से साझा करें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

