टी.एल.एफ. स्कूल के किंडरगार्टन विंग के बच्चों की फ्री प्ले सेशन का आयोजन

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शहर की प्रमुख शिक्षण संस्था द लर्निंग फील्ड ए ग्लोबल स्कूल (टी.एल.एफ) की मैनेजिंग कमेटी के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, चेयरमैन इंजी. जनेश गर्ग व डायरेक्टर डा.मुस्कान गर्ग के दिशा-निर्देशों पर स्कूल में आज किंडरगार्टन विंग के बच्चों की फ्री प्ले सेशन का आयोजन का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन इंजी. जनेश गर्ग ने कहा कि टी.एल.एफ. स्कूल में बच्चों की खुशी और इमोशनल वेल-बीइंग हमेशा सबसे पहले आती है। परीक्षा के दिनों में भी स्कूल यह पक्का करता है कि उसके छोटे बच्चों के लिए सीखना एक खुशी भरा और स्ट्रेस-फ्री एक्सपीरियंस बना रहे। किंडरगार्टन विंग के छोटे बच्चे अपने असिस्टेंट के लिए आ रहे हैं, और स्ट्रक्चर डिवीजन सेशन ध्यान और लगन से किए जा रहे हैं। हालांकि, जो बात टी.एल.एफ को सच में खास बनाती है, वह है पढ़ाई और खुशी के बीच बैलेंस बनाने पर इसका पक्का फोकस करना शामिल हैं। इस मौके पर किंडरगार्टन विंग के बच्चों को टीचरों ने यह समझते हुए कि एग्जाम कभी-कभी प्रेशर बना सकते हैं, स्कूल ने आज छोटे स्टूडेंट्स के लिए सोच-समझकर एक फ्री प्ले सेशन का आयोजन किया गया। इस इनिशिएटिव का मकसद उनके दिमाग को रिफ्रेश करना, एंग्जायटी कम करना और उनके रिवीजन के दिनों में उन्हें पॉजिटिव रहने में मदद करना था। जब बच्चों ने अलग-अलग प्लेफुल एक्टिविटी में जोश के साथ हिस्सा लिया तो कैंपस हंसी से गूंज उठा। उनके मुस्कुराते चेहरों पर सच्ची खुशी और उत्साह झलक रहा था। इस मौके पर टीचर्स ने ध्यान से देखा कि प्ले सेशन के बाद, स्टूडेंट्स नई एनर्जी, बेहतर कॉन्संट्रेशन और खुशमिजाज माइंडसेट के साथ अपने रिवीजन पर लौटे। यह सोच-समझकर किया गया अप्रोच टी.एल.एफ स्कूल के होलिस्टिक डेवलपमेंट के कमिटमेंट को दिखाता है, जहाँ इमोशनल वेल-बीइंग को एकेडमिक एक्सीलेंस जितना ही महत्व दिया जाता है। इस मौके पर बच्चों के अभिभावकों ने इस पहल की बहुत तारीफ की है, और स्कूल की दयालु और बच्चों पर ध्यान देने वाली सोच के लिए शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने माना कि ऐसी कोशिशों से न सिर्फ़ बच्चों में कॉन्फिडेंस बढ़ता है, बल्कि सीखने का एक हेल्दी और पॉजिÞटिव माहौल भी बनता है। परीक्षा के दिनों में बच्चों के फ्री में खेलने की दिल को छू लेने वाली खबर की बहुत तारीफ हुई है। यह इस बात का एक शानदार उदाहरण है कि टी.एल.एफ. स्कूल न सिर्फ़ तेज दिमाग, बल्कि खुश दिल भी तैयार करता है तथा पढ़ाई सिर्फ़ एजाम के बारे में नहीं है और यह बचपन की खूबसूरत यादें बनाने और एक उज्ज्वल और कॉन्फिडेंट भविष्य बनाने के बारे में है।

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