पाकिस्तान से अवैध हथियार तस्करी का बड़ा खुलासा, 5 पिस्टल और 6 कारतूस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार

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मोगा में अवैध हथियार तस्करी का बड़ा खुलासा, 5 पिस्टल और 6 कारतूस के साथ दो आरोपी गिरफ्तार पाकिस्तान में बैठे हथियार तस्करों के नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए पंजाब पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। अजय गांधी के नेतृत्व में मोगा पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मोगा सीआईए स्टाफ को गुप्त सूचना मिली थी कि तरणतारन जिले के दो युवक भारी मात्रा में अवैध हथियार लेकर मोगा क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर एएसआई नवजीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम ने दिल्ली कॉलोनी, मोगा के पास घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एक काले रंग का किट बैग बरामद हुआ, जिसमें से पुलिस ने 5 पिस्टल और 6 जिंदा कारतूस बरामद किए। बरामद हथियारों में 9 एमएम पिस्टल (मैगजीन सहित), 30 बोर देसी पिस्टल (मैगजीन सहित), 32 बोर देसी पिस्टल (मैगजीन सहित), 30 बोर गोल्डन रंग की पिस्टल (बिना बैरल) और 30 बोर सिल्वर रंग की पिस्टल (बिना बैरल) शामिल हैं। इसके अलावा एक Samsung Galaxy M15 मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लखविंदर सिंह निवासी वटोके, जिला तरणतारन और निशान सिंह पुत्र सुखदेव सिंह निवासी लाहुके, जिला तरणतारन के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एसएसपी अजय गांधी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लखविंदर सिंह पहले भी तीन से चार बार पंजाब के अलग-अलग जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई कर चुका है। जांच में यह भी पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे हथियार तस्कर ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार भेजते थे और सोशल मीडिया के माध्यम से आरोपियों को लोकेशन भेजी जाती थी, जहां उन्हें हथियारों की सप्लाई करनी होती थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी मोगा में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे, जिसे मोगा पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं पाया गया है। एसएसपी अजय गांधी ने बताया कि कुछ दिन पहले मोगा सीआईए स्टाफ ने एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया था। उसके मोबाइल फोन से मिली जानकारी के आधार पर ही इस नेटवर्क का सुराग लगा।

पुलिस अब आरोपियों को अदालत में पेश कर रिमांड हासिल करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें हथियार किसने सप्लाई किए और उनका अगला टारगेट कौन था।

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