मोगा में धड़ल्ले से चल रही अवैध माइनिंग, प्रशासन गहरी नींद में

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जिले के कस्बा धर्मकोट के अधीन आने वाले गांव मंजिली, रेड़मा और सेहद जलालपुर, क्षेत्र में सतलुज दरिया से खुलेआम दिन-रात अवैध माइनिंग किए जाने का मामला सामने आया है। इलाके में लगातार रेत का अवैध खनन हो रहा है, जिससे न केवल सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं बल्कि सरकार के राजस्व को भी भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन द्वारा मोगा में सरकारी माइनिंग खड्डों को फिलहाल बंद कर रखा गया है। इसके बावजूद माइनिंग माफिया बेखौफ होकर दरिया के किनारों से अवैध तरीके से रेत निकाल रहे हैं और बड़े पैमाने पर अपना कारोबार चला रहे हैं।लगातार हो रही अवैध माइनिंग के चलते प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं जब सरकारी खड्ड बंद हैं तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में रेत की निकासी कैसे हो रही है। किसके इशारे पर माइनिंग माफिया बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रही हे।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में दिन-रात जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की मदद से रेत की ढुलाई की जा रही है। अवैध माइनिंग इतनी तेजी से हो रही है कि दरिया के किनारों और बांध की स्थिति भी लगातार कमजोर होती जा रही है, जिससे भविष्य में बाढ़ और कटाव का खतरा भी बढ़ सकता है। लोगों का आरोप है कि माइनिंग माफिया बिना किसी डर के इस अवैध काम को अंजाम दे रहे हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत कार्रवाई कर अवैध माइनिंग पर रोक लगाई जाए और माइनिंग माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

 

प्रशासन जब अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचता है तो कई बार उन पर ही हमला कर दिया जाता है और उन्हें कार्रवाई करने से रोकने की कोशिश की जाती है। इसी तरह पुलिस ने 8 फरवरी को थाना धर्मकोट में माइनिंग एक्ट के तहत एक मामला दर्ज किया था। मामले में बताया गया है कि जब माइनिंग विभाग के अधिकारी कार्रवाई करने के लिए पहुंचे तो माइनिंग माफिया की ओर से उनका रास्ता रोक लिया गया। आरोप है कि तेजधार हथियारों के साथ मौजूद लोगों ने टीम को रोकने और डराने की कोशिश की।

इस संबंध में सहायक जिला माइनिंग अधिकारी, मोगा की शिकायत पर थाना धर्मकोट में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 303(2), 126(2), 132, 221, 351(2), 3(5) तथा माइनिंग एक्ट की धारा 21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना से साफ है कि माइनिंग माफिया में कानून का कोई खास डर नजर नहीं आ रहा और वे बेखौफ होकर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

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