अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय ताइक्वांडो पुरुष चैंपियनशिप 16 मार्च से डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर में

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जालंधर। भारतीय विश्वविद्यालय संघ के खेल प्रभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित किए जाने वाले अखिल भारतीय अंतर-विश्वविद्यालय खेलों के अंतर्गत इस वर्ष ताइक्वांडो पुरुष वर्ग की चैंपियनशिप का आयोजन डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर में किया जा रहा है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 16 से 20 मार्च तक आयोजित होगी, जिसमें देशभर की लगभग 200 विश्वविद्यालयों के करीब 1200 उत्कृष्ट ताइक्वांडो खिलाड़ी भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

यह भव्य प्रतियोगिता डीएवी यूनिवर्सिटी की कुलपति डॉ. मनोज कुमार के संरक्षण तथा खेल विभाग के निदेशक डॉ. यशबीर सिंह के कुशल नेतृत्व में आयोजित की जा रही है। आयोजन समिति द्वारा प्रतियोगिता की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं और खिलाड़ियों के स्वागत के लिए विश्वविद्यालय परिसर को पूरी तरह तैयार कर लिया गया है।

इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता को पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया जा रहा है। प्रतियोगिता को तकनीकी रूप से सफल बनाने के लिए लगभग 40 योग्य तकनीकी अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो रेफरी एवं पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन के सचिव शिव शुक्ला को रेफरी अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक शिव कुमार को तकनीकी निदेशक का दायित्व सौंपा गया है, जबकि निखिल हंस को तकनीकी अधिकारी समन्वयक नियुक्त किया गया है।

प्रतियोगिता का भव्य उद्घाटन समारोह 17 मार्च को आयोजित किया जाएगा, जिसमें पंजाब ताइक्वांडो एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं स्पेशल डीजीपी पंजाब अर्पित शुक्ला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे।

उल्लेखनीय है कि डीएवी यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर स्पोर्ट्स डॉ. यशबीर सिंह और निखिल हंस ने विशेष रूप से चंडीगढ़ जाकर उन्हें इस समारोह के लिए आमंत्रित किया।

डीएवी यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित इस पांच दिवसीय राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए निखिल हंस को आधिकारिक जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) नियुक्त किया गया है, जो प्रतियोगिता से संबंधित सभी सूचनाएं एवं अपडेट मीडिया तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।

विश्वविद्यालय प्रशासन को विश्वास है कि यह प्रतियोगिता न केवल देशभर के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देगी, बल्कि खेल भावना, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करेगी।

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