महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाकर स्वास्थ्य जीवनशैली को प्रोत्साहित किया जा सकता है : डा. मोनिका गर्ग

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विश्व स्वास्थ्य दिवस महिलाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रोत्साहित करना जरूरी है। महिलाओं के प्रजनन स्वास्थ्य, मातृ देखभाल, और 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य जांच (जैसे पेप स्मियर, बोन डेंसिटी) पर जोर दिया जाना चाहिए। इससे महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होना जरूरी है। उक्त विचार शाम नर्सिंग होम की डा.मोनिका गर्ग ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर प्रकट किए। डा.मोनिका गर्ग ने कहा कि मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य: 2026 का विशेष फोकस महिलाओं और शिशुओं के स्वास्थ्य में सुधार और रोकी जा सकने वाली मौतों को समाप्त करने पर है। मानसिक स्वास्थ्य आज के समय में तनाव, अवसाद और चिंता से निपटने के लिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, काउंसलिंग और योग पर जोर दिया जा रहा है। नियमित हेल्थ चेकअप (40+ महिलाओं के लिए) थायराइड प्रोफाइल हार्मोनल संतुलन और वजन प्रबंधन के लिए। आयरन और हीमोग्लोबिन एनीमिया की जांच के लिए पेप स्मियर सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए।पेल्विक अल्ट्रासाउंड और गर्भाशय की जांच के लिए। बोन डेंसिटी टेस्ट: ऑस्टियोपोरोसिस के जोखिम को कम करने के लिए, पोषण और स्वच्छता: कुपोषण दूर करने के लिए पौष्टिक आहार और व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान देना अनिवार्य है।स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उपाय, स्वस्थ जीवन शैली के लिए नियमित रूप से पौष्टिक भोजन करना, शारीरिक गतिविधि (योग, सैर) करना और नियमित रूप से चिकित्सा जांच करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर साल करीब तीन लाख महिलाओं की गर्भावस्था या प्रसव के दौरान मृत्यु हो जाती है। उन्होंने कहा कि ‘स्वस्थ शुरुआत, आशापूर्णा भविष्य’ नामक इस मुहिम के जरिये देशों की सरकारों और स्वास्थ्य नीति-निमार्ताओं से आग्रह किया गया है कि माताओं व शिशुओं की रोकथाम-योग्य मौतों को टालने के लिए प्रयासों में तेजी लानी होगी। इसके साथ ही, महिलाओं के दीर्घकालिक स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यूएन स्वास्थ्य एजेंसी ऐसे रणनैतिक उपाय अपना रही है, जिससे न केवल जीवन रक्षा हो, बल्कि माताओं और शिशुओं का बेहतर विकास भी सुनिश्चित किया जा सके। इस सिलसिले में अन्य साझेदार संगठनों के साथ मिलकर, स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों को सशक्त बनाने, स्वस्थ गर्भधारण, सुरक्षित प्रसव और प्रसवोत्तर देखभाल से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर स्थान पर महिलाओं व परिवारों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली और बेहतर देखभाल तक पहुँच आवश्यक है। स्वास्थ्य प्रणालियों को अनेक प्रकार की चुनौतियों को दूर करने के लिए विकसित किया जाना होगा, जिसमें प्रसूति सम्बन्धी जटिलताएँ, मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धी मुद्दे, गैर-संचारी रोग और परिवार नियोजन शामिल हैं। इसका उद्देश्य प्रसव से पहले, प्रसव के दौरान और उसके बाद महिलाओं की जरूरतें पूरी करना है। उन्होंने कहा कि विश्व स्वास्थ्य दिवस पर हमें प्रयास करने चाहिए कि हमें महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करे। क्योंकि महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य से हम स्वस्थ परिवार तथा स्वस्थ समाज की सृजना करने में महत्वपूर्ण योगदान डाल सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जहां उन्होंने महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। वहीं उन्हें महिलाओं को अपना स्वास्थ्य जीवन रखने में समय-समय पर डाक्टरी जांच पर भी जोर दिया।

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