अमृतसर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई को प्रस्तावित पंजाब दौरे से एक दिन पहले अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने उन्हें एक विस्तृत ज्ञापन भेजकर सीमावर्ती पंजाब, विशेषकर अमृतसर से जुड़े गंभीर मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। सांसद ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि पंजाब के बॉर्डर जिलों के लिए विशेष विकास पैकेज की घोषणा की जाए और राष्ट्रीय सुरक्षा, किसानों तथा बुनियादी ढांचे से जुड़े लंबे समय से लंबित मामलों पर निर्णायक कदम उठाए जाएं।
सांसद औजला ने अपने पत्र में कहा कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री का यह पंजाब का तीसरा दौरा है। ऐसे में सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को उम्मीद है कि इस बार केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले फैसले लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित अमृतसर सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जिला है, लेकिन इसके बावजूद यह क्षेत्र आज भी कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है।
पत्र में औजला ने सबसे गंभीर चिंता सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही नशे, हथियार और गोला-बारूद की तस्करी को बताया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लगातार ड्रोन गतिविधियां पंजाब की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। इसी के कारण प्रदेश में नशे का कारोबार, गैंगस्टर नेटवर्क और संगठित अपराध लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने लिखा कि इस विषय को वह कई बार संसद में उठा चुके हैं, लेकिन अपेक्षित स्तर पर प्रभावी कार्रवाई अभी तक दिखाई नहीं दी।
सांसद ने कहा कि केवल जब्ती और गिरफ्तारी से समस्या का समाधान संभव नहीं है। जरूरत इस बात की है कि सीमा पर अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन तकनीक तैनात की जाए, सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो तथा ड्रग्स और हथियारों के पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाए।
औजला ने हाल के वर्षों में पंजाब में पुलिस प्रतिष्ठानों पर हुए ग्रेनेड हमलों और बढ़ती आपराधिक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चेतावनी हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय से इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष रणनीति तैयार करने की मांग की।
ज्ञापन में सांसद ने रावी नदी के लगातार बढ़ते कटाव का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राजा सांसी, अजनाला और आसपास के सीमावर्ती गांवों में नदी का कटाव तेजी से कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा रहा है। यदि समय रहते स्थायी सुरक्षा कार्य नहीं कराए गए तो इससे न केवल किसानों की हजारों एकड़ जमीन प्रभावित होगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से स्टोन पिचिंग, गैबियन वॉल और अन्य स्थायी परियोजनाओं के लिए तत्काल विशेष फंड जारी करने तथा प्रभावित किसानों को लंबित मुआवजा शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की।

