शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज घोषाा की है कि 2027 में अकाली दल की सरकार बनने के बाद 100 फीसदी सरकारी नौकरियां पंजाबियों के लिए आरक्षित की जाएंगी। इसके अलावा परीक्षा के पेपर लीक करने वालो को उम्रकैद कीसजा देने का कानून लाया जाएगा।
अकाली दल अध्यक्ष ने यहां पंजाबी विश्वविद्यालय के बाहर स्टूडेंटस आॅग्रेनाइजेशन आॅफ इंडिया (एसओआई) द्वारा शुरू किए गए भविष्य बचाओ मोर्चा के तहत आयोजित एक विशाल छात्र धरने को संबोधित किया।
सरदार सुखबीर सिंह बादल ने पेपर लीक मामलों में पंजाब में 10 लाख छात्रों को प्रभावित करने वाले मामले की जवाबदेही तय करने के अलावा मंत्रियों हरजोत बैंस और बलबीर सिंह के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों को संबोधित करते हुए कहा,‘‘ आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में राज्य में सभी नई नौकरियों में से आधी बाहरी लोगों को देकर एक गंभीर पाप किया है। उन्होने पड़ोसी राज्य राजस्थान और हरियाणा में आम आदमी पार्टी के प्रभाव को बढ़ाने के लिए ऐसा किया। मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हम पंजाब में सभी सरकारी नौकरियां पंजाबियों के लिए आरक्षित करने के लिए एक अधिनियम स्थापित करेंगें।’’
अकाली दल अध्यक्ष ने छात्रों से नौजवान विरोधी आम आदमी पार्टी की सरकार को सता से हटाने के लिए एक जन आंदोलन चलाने की अगुवाई करते हुए कहा,‘‘ अगली अकाली दल सरकार परीक्षा के पेपर लीक में सभी लोगों को उम्रकैद की सजा देने के लिए कानून लाने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि ऐसे बेईमान लोग हमारे बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि भविष्य में कोई पेपर लीक न हो।’’
पंजाब में आम आदमी पार्टी के कार्यकाल में पेपर लीक के बारे में सरदार बादल ने कहा,‘‘ पिछले महीने हुए फाॅर्मेसी अधिकारी परीक्षा के पेपर लीक होने सहित अब तक 10 पेपर लीक हो चुके हैं। अपनी गलती स्वीकार करके दोषी मंत्रियों को बर्खास्त करके सुधारात्मक कदम उठाने के बजाय आम आदमी पार्टी की सरकार इंकार कर रही है। अरविंद केजरीवाल और गुरु दोखी भगवंत मान दावा कर रहे हैं कि पंजाब में कोई पेपर लीक नही हुआ, जबकि मुख्यमंत्री ने मार्च 2023 में राज्य शिक्षक पात्रता (पीटीई) का पेपर लीक होना आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया था।’’ उन्होने इस बात की भी निंदा की कि जिस तरह से मुख्यमंत्री द्वारा पंजाब के नौजवानों की बुद्धिमता का अपमान किया जब उन्होने फाॅर्मेसी अधिकारी का पेपर लीक मामले को नकल का मामला बताया, जबकि यह साबित हो गया था कि परीक्षा केंद्रों से पेपर लीक करने के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया था।
सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नौजवानों को रोजगार प्रदान करने की जरूरत पर बोलते हुए सरदार बादल ने कहा,‘‘ हम यह सुनिश्चित करेंगें कि आईटी उद्योग सहित सभी निजी उद्योग कम से कम 75फीसदी पंजाबियों को नियुक्त किया जाए। हम उन सभी प्रोत्साहन देने से इंकार करके इस निर्देश को लागू करने के लिए स्थितियां बनाएंगे जिसमें सस्ती बिजली भी शामिल है, जो अपने कर्मचारियों में 75 फीसदी पंजाबियों को नही रखते हैं।’’
सरदार बादल ने दावा किया कि अकाली दल न केवल नौजवानों को रोजगार प्रदान करने बल्कि उन्हें कौशल प्रदान करने के लिए भी रोडमैप तैयार किया है। उन्होने कहा,‘‘ सत्ता में आने के बाद हम एक वल्र्ड स्किल यूनिवर्सिटी स्थापित करेंगें जो बड़ी कंपनियों से सहयोग करेगी। मैंने टाटा, इंफोसिस और महिंद्रा एंड कंपनियों जैसी कंपनियों से बात की है जो हमारे नौजवानों को कौशल प्रदान करेंगी ताकि उन्हें कंपनियों में रोजगार मिल सके।’’ उन्होने यह भी घोषणा की कि अकाली दल युवा उद्यमियों को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने कहा ,‘‘ हम नौजवानों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु 10 लाख रूपये का ब्याज मुक्त कर्जा प्रदान करेगें।’’
सरदार बादल ने विस्तार से बताया कि कैसे राज्य में शिक्षा क्षेत्र का आधुनिकीरण और उन्नयन आम आदमी पार्टी ने नही बल्कि पूर्ववर्ती अकाली दल सरकारों ने किया । उन्होने कहा,‘‘चितकारा , चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ ग्रुप आॅफ काॅलेज और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी सहित सभी निजी यूनिवर्सिटीयां जो आप देख रहे हैं वे अकाली दल द्वारा ही स्थापित किए गए थे। शिरोमणी अकाली दल ने आईआईटी रोपड़ आईआईएम अमृतसर, एम्स बठिंडा, बाबा फरीद यूनिवर्सिटी, आईएसबी मोहाली, आईआईएसईआर और एनआईपीईआर को भी पंजाब में स्थापित किया। पार्टी ने महाराज रंजीत सिंह और माई भागो संस्थानों जैसी प्रारंभिक अकादमियों की स्थापना की, जिनके कारण 500 प्रशिक्षुओं को सशस्त्र बलों में अधिकारियों के रूप में शामिल किया गया। इसकी तुलना में शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने कल विधानसभा में दिए गए बयान से करें , जिसमें उन्होने दावा किया कि आम आदमी पार्टी ने दो नए स्कूल स्थापित किए, छह को बंद किया और 6 लाख छात्रों द्वारा स्कूल छोड़ने की अध्यक्षता की, इससे आपको समझ आएगा कि कैसे आप पार्टी की सरकार आपको कैसे नाकाम कर रही है।’’
उन्होने विधानसभा में मंत्री के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होने स्वीकार किया था कि प्रोफेसरों और असिस्टेंट प्रोफेसरों के 5686 पदों में से 2424 पद रिक्त पड़े हैं।
इस अवसर पर एनके शर्मा, एसओआई प्रधान रणबीर सिंह राणा, यूथ अकाली दल के प्रधान सरबजीत सिंह झिंझर, मालवा जोन एसओआई प्रधान कुलदीप झिंझर, पंजाबी यूनिवर्सिटी एसओआई प्रधान हुसनदीप सिंह , रमनजीत सिंह संघा और सरबजोत सिंह भटटमाजरा , गुरप्रीत सिंह राजुखन्ना, जसपाल सिंह चटठा और जगमीत सिंह हरियाउ सहित वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

