अबोहर के सरकारी अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोमवार को अस्पताल परिसर में नशे की दवा लेने आए युवकों के दो गुट आपस में भिड़ गए। गाली-गलौज के बाद दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई और एक-दूसरे पर ईंट-पत्थर भी बरसाए गए। घटना से अस्पताल में उपचार के लिए आए मरीजों और उनके परिजनों में अफरा-तफरी मच गई तथा कई मरीज डर के कारण वार्डों में चले गए।
बताया जा रहा है कि करीब एक दर्जन युवक नशे की दवा लेने के बाद किसी बात को लेकर आपस में भिड़ गए। अस्पताल स्टाफ और मरीजों का आरोप है कि कुछ युवक यहां से नशे की दवाएं लेकर आगे अन्य लोगों को बेच देते हैं और गोलियों को लेकर आए दिन आपस में विवाद करते रहते हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह खुलेआम मारपीट होने से मरीजों और उनके परिजनों में भय का माहौल है। अस्पताल स्टाफ ने घटना की सूचना सिटी वन पुलिस को दी।
अस्पताल स्टाफ व मरीजों का कहना है कि परिसर में आए दिन नशे के आदी युवक घूमते रहते हैं। उनका आरोप है कि इनके कारण अस्पताल का माहौल खराब हो रहा है तथा मरीजों के मोबाइल फोन और पर्स चोरी होने की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में इलाज करवाने आने वाले लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
गौरतलब है कि अस्पताल में बनाई गई अस्थायी पुलिस चौकी में फिलहाल एक महिला पुलिस कर्मचारी की तैनाती है, जिसकी ड्यूटी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रहती है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीजों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग उठ रही है।
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