संघ द्वारा हमारी विरासत की धार्मिक व सामाजिक परंपराओं से लोगों को जागरूक करने के लिए सर्व धर्म समागम आयोजित किए जा रहे हैं : डा. रंजीत सिंह

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हमारी विरासत व धार्मिक परंपराओं से परिवारों को जागरूक करने के लिए सर्व धर्म समागम का आयोजन भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा.सीमांत गर्ग की तरफ से पुरानी दाना मंडी भाजपा दफ्तर में किया गया। इस अवसर पर आर.एस.एस. के डा. रंजीत सिंह खंड कार्यवाह, विजय कौशिक जिला कार्यकारिणी मैंबर ने संबोधित किया। इस अवसर पर भाजपा के महासचिव विक्की सितारा, महासचिव राहुल गर्ग, आई.टी. सेल के इंचार्ज मुकेश शर्मा, आफिस इंचार्ज जितेंद्र चड्ढा, मंडल अध्यक्ष बाघापुराना दीपक तलवाड़, मंडल अध्यक्ष अमनदीप ग्रोवर, मंडल अध्यक्ष भूपिंदर हैप्पी, धर्मवीर भारती, कमल घारू, सोनी मंगला, भोला सिंह, आसा सिंह, हरविंदर धालीवाल, प्रोर्मिला मोनराय, सुखप्रीत कौर सुखी, सुखजिंदर सिंह वांदर, दविंदर सिंह अध्यक्ष, आशीष कुमार, गुलशन विक्की, हेमंत सूद, गगन कुमार, विजय मिश्रा, शशिकांत, अर्जुन कुमार, तरसेम जंड, सुकेश सूद, राजिंदर गाबा, संजीव अग्रवाल, सुखा सिंह आदि मौजूद थे। डा.रंजीत सिंह, विजय कौशिक ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदुओं को जागरूक करने के लिए इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया है। हिंदू एक राहेगा, तो जो हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा मजबूत रहेगी। ये निरंतर प्रगतिशिल रहेंगी। भारत एक समृद्धि और विकास राष्ट्र के रूप में 2047 तक अपना लक्ष्य पूरा करेगा। उन्होंने कहा कि कुछ वैश्विक शक्तियां भारत, हिंदू और आर.एस.एस के खिलाफ रणनीति बनाते रहते हैं। वैसी ताकतें अपने देश में भी सक्रिय है। वैसी शक्तियों से निपटने के लिए हमें सजग रहना है। इसके लिए पंच परिवर्तन के माध्यम से समाज के बीच हमें काम करने हैं। उन्होंने कहा कि समाज में यह धारणा बन चुकी है कि स्वयंसेवक जैसा बोलता है वैसा करता है। इसलिए अपने अपने घरों से इसे प्रारंभ करना है। हिंदू समाज कै तोड़ने का जो षड्यंत्र रचा जा रहा है उससे बचते हुए सभी हिंदू एक हैं यह भाव जगाना है। हम किसी भी जाति वर्ग के हों परंतु सभी भारत मां के संतान हैं। परिवार को तोड़ने की रणनीति जिस तरह बनाई जा रही है, उससे सजग रहना है। पर्यावरण के प्रति दृष्टिकोण ठीक रखना चाहिए। सरकारी नियमों का पालन करना है और अपनी संस्कृति, भाषा, भूषा आदि को कभी नहीं भूलना है। स्वयं जागृत होकर समाज को जागृत करना है। फिर हम परम वैभव की ओर बढ़ सकेंगे। संघ की यात्रा चार अवस्थाओं उपेक्षा, विरोध, सहयोग तथा अब सहभाग से गुजरकर शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। इस अवसर पर डा.सीमांत गर्ग ने कहा कि आज देश में जो धर्म परिवर्तन हो रहा है उसको रोकना समय की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संघ द्वारा धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए सर्व धर्म समागम करवाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह सहभाग अब समाज के व्यापक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाएगा। आगामी 15-20 वर्षों तक संघ पांच प्रमुख विषयों पर विशेष कार्य करेगा। ये हैं सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, स्व, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य। उन्होंने कहा कि संघ की यात्रा तप, त्याग और समर्पण की यात्रा है, जिसने समाज को संगठित करने की शक्ति दी है। संघ केवल संगठन नहीं, बल्कि संस्कृति का जीवंत प्रवाह है। अपने विचारों में उन्होंने पंच परिवर्तन पर विशेष बल दिया, परिवार में संस्कार, समाज में समरसता, शिक्षा में भारतीयता, अर्थव्यवस्था में स्वावलंबन और संस्कृति में संरक्षण। उनका कहना था कि इन परिवर्तनों के माध्यम से संघ आने वाले 15-20 वर्षों में समाज के साथ एकात्म भाव को और गहरा करेगा।

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