मुख्यमंत्री भागवत मान ने 2027 के लिए मांगा जनादेश, व्यंग्य और तीखे हमलों के साथ गिनाईं उपलब्धियां

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को मोगा में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए 2027 के लिए जनादेश मांगा। अपने संबोधन में उन्होंने हास्य, व्यंग्य और तीखे राजनीतिक हमलों का सहारा लेते हुए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और कई नई घोषणाएं कीं।

 

विपक्षी दलों कांग्रेस , बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल—पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके नेता जमीनी हकीकत से कटे हुए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग “ओवरकोट या टाइट पजामा पहनते रहते हैं”, वे आधी रात को खेतों में सिंचाई करने वाले किसानों का दर्द नहीं समझ सकते।

 

आढ़तियों की हड़ताल का जिक्र करते हुए मान ने कहा कि सरकार गेहूं की खरीद और उठान में किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं आने देगी। उन्होंने घोषणा की कि जो आढ़ती हड़ताल में शामिल नहीं होंगे, उन्हें अगली खरीफ सीजन में धान की अलॉटमेंट में प्राथमिकता दी जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि सहकारी समितियों की सूची तैयार कर ली गई है, जो जरूरत पड़ने पर गेहूं की खरीद का काम संभालेंगी। “हर एक दाने की सही तरीके से खरीद और उठान सुनिश्चित किया जाएगा,” उन्होंने कहा।

 

मुख्यमंत्री ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि 13 अप्रैल से ‘30 दिन तकसीम’ योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत किसानों की जमीन का बंटवारा आवेदन के 30 दिनों के भीतर किया जाएगा। इसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित विवादों को समाप्त करना है।

 

2027 के चुनावों के लिए अपनी सरकार के कामकाज को आधार बनाते हुए मान ने कहा कि उनकी सरकार ने 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली दी है, लगभग 65,000 नौकरियां दी गई हैं, 43,000 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और कारपेटिंग की गई है तथा किसानों को दिन के समय सहित 8 घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।

 

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में नहर के पानी के उपयोग में बड़ा इजाफा हुआ है, जो 22 प्रतिशत से बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है और आने वाले खरीफ सीजन में इसे 90 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।

 

मुख्यमंत्री ने बताया कि फसलों को बिजली के तारों से लगने वाली आग से बचाने के लिए भूमिगत बिजली वायरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनके गांव में खेतों में लगे 1,100 से अधिक बिजली के खंभों को हटाकर अंडरग्राउंड फाइबर वायरिंग की जा रही है और इसे पूरे राज्य में लागू करने का लक्ष्य है।

 

शिक्षा को “हर समस्या का समाधान” बताते हुए मान ने कहा कि सरकार स्कूल शिक्षा प्रणाली को मजबूत कर रही है ताकि बच्चों को बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब फिंगरप्रिंट की अनिवार्यता खत्म की जाएगी, क्योंकि मेहनतकश लोगों के हाथों के निशान अक्सर मिट जाते हैं।

 

रैली के दौरान मान अपने व्यंग्यात्मक अंदाज में नजर आए और कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं पर स्थानीय नेतृत्व को न पहचानने को लेकर कटाक्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी विपक्षी दल केवल आम आदमी पार्टी को निशाना बनाने के लिए एकजुट हो रहे हैं।

 

उन्होंने 32 लाख परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा, मोहल्ला क्लीनिक और टोल प्लाजा हटाने जैसे कदमों का भी जिक्र किया।

 

इस मौके पर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मोगा में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का संकेत है कि आम आदमी पार्टी 2027 में भारी बहुमत के साथ दोबारा सत्ता में लौटेगी।

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