जगराओं। गांवों से सवारियां लाने-ले जाने को लेकर मिनी बस चालकों और ऑटो चालकों के बीच चल रहा विवाद अब और गहरा गया है। गुरुवार को गुस्साए मिनी बस चालकों ने भीषण गर्मी के बीच लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे पर बसें खड़ी कर जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरने पर बैठे बस चालकों का कहना था कि वे सरकार से परमिट लेने और रोड टैक्स भरने के बाद ही गांवों में बसें चलाते हैं, जबकि ऑटो चालक बिना परमिट और टैक्स के गांवों से सवारियां उठाकर उनका रोजाना लाखों रुपये का नुकसान कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन इस समस्या का समाधान करने में पूरी तरह विफल रहा है।
हाईवे जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सबसे अधिक परेशानी स्कूल से लौट रहे बच्चों और गांवों से आने-जाने वाली सवारियों को उठानी पड़ी। तेज धूप में कई बच्चों और यात्रियों को सड़क पर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।
बस चालकों ने साफ चेतावनी दी कि जब तक गांवों से ऑटो संचालन पर रोक नहीं लगाई जाती, तब तक वे गांवों के लिए बस सेवा भी बंद कर देंगे। उन्होंने कहा कि इसके लिए पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
हाईवे जाम होने की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने रास्ता खुलवाने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया, लेकिन बस चालक धरने पर डटे रहे। बाद में बच्चों की परेशानी को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने केवल स्कूल बसों को निकलने की अनुमति दी।
यह है पूरा विवाद
कुछ दिन पहले गांवों से सवारियां उठाने को लेकर मिनी बस और ऑटो चालकों के बीच कहासुनी हो गई थी। विवाद इतना बढ़ गया कि एक बस चालक ने कथित तौर पर गुस्से में सूए से एक ऑटो के तीनों टायर पंचर कर दिए। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।
मामला पुलिस और एसडीएम तक भी पहुंचा, लेकिन दोनों पक्षों का आरोप है कि न तो प्रशासन कोई ठोस समाधान निकाल पाया और न ही विवाद खत्म हो सका। इसी कारण अब दोनों पक्ष आर-पार की लड़ाई के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
ऑटो चालकों का कहना है कि वे रोड टैक्स देते हैं और उन्हें शहर से गांवों तक सवारियां छोड़ने का अधिकार है। वहीं बस चालकों का तर्क है कि ऑटो का संचालन केवल शहर की सीमा तक होना चाहिए और गांवों से सवारियां उठाने का अधिकार केवल परमिटधारी बसों को है।
गौरतलब है कि चार दिन पहले ऑटो चालकों ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को मांगपत्र सौंपकर बस चालकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी और धरने की चेतावनी दी थी। वही बस चालको ने एसडीएम को मांग पत्र देकर धरने की चेतावनी दी थी। लेकिन सुनवाई न होने पर गुरुवार को बस चालकों ने हाईवे जाम कर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है।

