जगराओं गांव पब्बियां में आवारा कुत्तों के हमले में पूर्व सरपंच जगदीश सिंह की दर्दनाक मौत ने ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। एक के बाद एक हो रही घटनाओं से गुस्साए ग्रामीणों ने बुधवार को महापंचायत बुलाकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महापंचायत में दो टूक शब्दों में चेतावनी दी गई कि यदि आवारा कुत्तों के आतंक पर तुरंत कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा इलाका नेशनल हाईवे जाम कर उग्र आंदोलन करेगा।
महापंचायत में सरपंच बीबी चरणजीत कौर, सरपंच पति गुरमेल सिंह, पंच इंद्रजीत सिंह खालसा, किसान नेता एवं लंबरदार मोहन सिंह मल्ली, गुरचरण सिंह काकू, पूर्व सरपंच के भाई कर्नैल सिंह समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि अब सिर्फ आश्वासन नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहिए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एक पूर्व सरपंच की जान चली गई, लेकिन प्रशासन का कोई बड़ा अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचा। न किसी ने पीड़ित परिवार का हाल जाना और न ही लोगों में फैले डर को दूर करने की कोशिश की। इससे साफ है कि प्रशासन लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
महापंचायत में लोगों ने कहा कि गांव में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं। जब तक किसी की जान नहीं जाती, तब तक प्रशासन नहीं जागता। आखिर लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? यदि पहले कार्रवाई होती तो शायद आज एक परिवार अपना मुखिया न खोता।
ग्रामीणों ने प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द आवारा कुत्तों को पकड़ने का अभियान शुरू नहीं हुआ तो नेशनल हाईवे पर चक्का जाम कर दिया जाएगा और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता।
गांव पब्बियां में इस समय सिर्फ शोक नहीं, बल्कि प्रशासन की कार्यशैली के खिलाफ गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि अब और किसी की जान नहीं जाने देंगे। यदि सरकार और प्रशासन नहीं जागे, तो जनता खुद सड़कों पर उतरकर जवाब मांगेगी।

