शहर के अग्रणी शिक्षण संस्थान डॉ. सैफुद्दीन किचलू पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद ऊधम सिंह का शहीदी दिवस श्रद्धा, सम्मान और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के चेयरमैन एडवोकेट सुनील गर्ग एवं डायरेक्टर सुनीता रानी गर्ग द्वारा शहीद ऊधम सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति के नारों और गीतों से गूंज उठा। विद्यार्थियों ने वंदे मातरम्, देशभक्ति गीत, प्रेरणादायक कविताओं तथा शहीद ऊधम सिंह के जीवन पर आधारित प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से उनके अद्वितीय साहस, त्याग और मातृभूमि के प्रति समर्पण को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों के मन में राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति समर्पण की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया।
इस अवसर पर चेयरमैन एडवोकेट सुनील गर्ग ने कहा कि शहीद ऊधम सिंह केवल एक महान क्रांतिकारी ही नहीं, बल्कि अटूट धैर्य, दृढ़ संकल्प और राष्ट्रभक्ति के सर्वोच्च प्रतीक थे। वर्ष 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार ने उनके हृदय को झकझोर दिया था और उसी दिन उन्होंने इस अमानवीय अत्याचार का प्रतिशोध लेने का संकल्प लिया। लगभग 21 वर्षों तक उन्होंने अद्भुत धैर्य, आत्मसंयम और अटूट विश्वास के साथ अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा तथा 13 मार्च 1940 को लंदन के कैक्सटन हॉल में माइकल ओ’ड्वायर को गोली मारकर अपने संकल्प को पूरा किया। 31 जुलाई 1940 को उन्हें फांसी दे दी गई, लेकिन उनका बलिदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में सदैव अमर हो गया। उन्होंने कहा कि शहीद ऊधम सिंह का जीवन हमें यह अमूल्य शिक्षा देता है कि यदि मन में कोई श्रेष्ठ लक्ष्य निर्धारित कर लिया जाए और उसे प्राप्त करने के लिए धैर्य, दृढ़ निश्चय, निरंतर परिश्रम और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ा जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है। जीवन में बड़े लक्ष्य एक दिन में प्राप्त नहीं होते, बल्कि वर्षों की मेहनत, अनुशासन और धैर्य से हासिल किए जाते हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन से राष्ट्रप्रेम, साहस, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और अपने उद्देश्य के प्रति समर्पण की प्रेरणा लेकर अपने ज्ञान, चरित्र और कर्मों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए।
डायरेक्टर सुनीता रानी गर्ग ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा प्रदान करने का केंद्र नहीं, बल्कि श्रेष्ठ नागरिकों के निर्माण की आधारशिला भी हैं। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीर शहीदों के त्याग और बलिदान का परिणाम है। ऐसे महान क्रांतिकारियों का जीवन बच्चों में देशभक्ति, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवता की भावना विकसित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में ईमानदारी, अनुशासन, सेवा, संवेदनशीलता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए एक आदर्श नागरिक बनने का प्रयास करें। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने शहीद ऊधम सिंह सहित सभी अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा के लिए सदैव समर्पित रहने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प लिया।

