करीब 20 साल के लंबे इंतजार के बाद मोगा से कच्चा जीरा रोड तक सड़क निर्माण का काम शुरू हुआ है। सरकार की ओर से इस सड़क के निर्माण के लिए करीब 12 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट रखा गया है। लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे लोगों को उम्मीद थी कि अब उन्हें बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी, लेकिन निर्माण शुरू होने के महज 24 घंटे बाद ही सड़क के एक हिस्से के टूटने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। मोगा-कच्चा जीरा रोड पर इन दिनों सड़क निर्माण का काम तेजी से चल रहा है। इसी दौरान गांव खोसा पांडू के ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में मिट्टी के ऊपर ही मैटेरियल डालकर काम किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के दौरान निर्धारित नियमों और गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिसके चलते सड़क का एक हिस्सा बनने के कुछ ही समय बाद टूट गया। सड़क की स्थिति देखकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्होंने निर्माण कार्य रुकवा दिया। ग्रामीणों ने मांग की कि करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में इस्तेमाल किए जा रहे मैटेरियल और निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए। वहीं, मौके पर मौजूद ठेकेदार के मुनीम ने सड़क टूटने के मामले में सफाई देते हुए कहा कि यह मजदूरों की गलती के कारण हुआ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिस हिस्से में सड़क खराब हुई है, उसे दोबारा बनवाया जाएगा। अब बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निगरानी किस स्तर पर की जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि 20 साल के इंतजार के बाद शुरू हुआ सड़क निर्माण अगर 24 घंटे में ही टूटने लगे, तो निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच करवाकर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

