जगराओं में अधिकारियों और राजनेताओं पर आरोप लगाकर हड़ताल पर गए सफाई कर्मियों के बीच अब खुली फूट सामने आ गई है। शनिवार को हालात उस समय बदल गए जब सफाई कर्मचारियों के एक बड़े गुट ने शहर की सफाई व्यवस्था को ठप होने से बचाने के लिए काम पर लौटने का फैसला कर लिया। हालांकि कुछ कर्मचारी अभी भी काम पर नहीं पहुंचे, जिनकी नगर कौंसिल प्रशासन ने गैरहाजिरी दर्ज कर दी है।
जानकारी के अनुसार नगर कौंसिल के कुछ सफाई कर्मियों ने शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाते हुए हड़ताल का ऐलान किया था। इस फैसले के बाद शहर में सफाई व्यवस्था ठप होने की आशंका पैदा हो गई थी और लोगों में गंदगी फैलने को लेकर चिंता बढ़ने लगी थी। लेकिन शनिवार को स्थिति अचानक बदल गई और सफाई कर्मचारियों के यूनियन प्रधान रवि कुमार की अगुवाई में ज्यादातर कर्मचारियों ने हड़ताल से किनारा करते हुए शहर की सफाई का जिम्मा संभाल लिया।
शनिवार सुबह कर्मचारियों ने सबसे पहले नगर कौंसिल परिसर से ही सफाई अभियान की शुरुआत की। इसके बाद कर्मचारी अपने-अपने वार्डों में पहुंच गए और कूड़ा उठाने तथा सड़कों और गलियों की सफाई का काम शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने साफ कहा कि गर्मी के मौसम में अगर सफाई का काम रुक जाए तो शहर में गंदगी के ढेर लग सकते हैं, जिससे मच्छरों और संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
यूनियन प्रधान रवि कुमार ने बताया कि नंबरदार बलवीर कुमार की ओर से सभी कर्मचारियों को ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा गया था, लेकिन कुछ कर्मचारी किसी व्यक्ति के बहकावे में आकर काम पर नहीं पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए सफाई कर्मियों को भड़काकर शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं।
रवि कुमार ने कहा कि कर्मचारियों ने शहरवासियों के स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखते हुए काम पर लौटने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर सफाई व्यवस्था ठप हो जाती है तो शहर में गंदगी के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ जाता है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ सकती है।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर सफाई कर्मी अब मैदान में उतर चुके हैं और पहले की तरह घर-घर से कूड़ा उठाने का काम जारी रहेगा। यदि किसी इलाके में सफाई कर्मचारी नहीं पहुंचता है तो लोग तुरंत सूचना दें, ताकि वहां तुरंत सफाई करवाई जा सके।
यूनियन प्रधान ने कहा कि शहर को साफ-सुथरा रखना केवल जिम्मेदारी ही नहीं बल्कि हमारा कर्तव्य भी है। हम सरकार से वेतन भी इसी काम के लिए लेते हैं, इसलिए किसी के बहकावे में आकर शहर की सफाई व्यवस्था को ठप करना सही नहीं है। हमारा मकसद साफ और स्वस्थ शहर बनाना है, ताकि लोगों को गंदगी से फैलने वाली बीमारियों से बचाया जा सके।
हड़ताल से मसले हल नही होते रवि कुमार
यूनियन प्रधान रवि कुमार ने कहा कि छोटी-छोटी बातों और निजी स्वार्थों के लिए हड़ताल कर शहर के निवासियों को परेशान करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि हर समस्या का समाधान हड़ताल नहीं होता। अगर किसी कर्मचारी को किसी तरह की परेशानी थी तो वह सीधे उनके पास आकर अपनी बात रख सकता था।
रवि कुमार ने आगे कहा कि न तो किसी ने नंबरदार को सूचित किया और न ही उन्हें अपनी तकलीफ के बारे में बताया। इससे साफ जाहिर होता है कि इस हड़ताल के पीछे कोई और ही खेल चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगले महीने नगर कौंसिल के चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में कुछ लोग राजनीतिक फायदा लेने के लिए सफाई कर्मियों को आगे कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था को प्रभावित करना और आम जनता को परेशान करना किसी भी हाल में सही नहीं है। अगर किसी को कोई शिकायत या समस्या है तो उसे बातचीत और आपसी समझ से हल किया जा सकता है, न कि हड़ताल के जरिए शहर को बंधक बनाकर।

