शहर की प्रमुख शिक्षण संस्था डा. सैफुद्दीन किचलू पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी के चेयरमैन एडवोकेट सुनील गर्ग व डायरेक्टर सुनीता गर्ग के दिशा-निर्देशों पर आज स्कूल में अंतररार्ष्ट्रीय फायरफाइटर्स दिवस उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में छात्रों को फायरफाइटर्स के साहस, समर्पण और मानवता के प्रति उनके अद्वितीय योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। स्कूल प्रांगण में एकत्रित नन्हे-मुन्ने बच्चों को समझाया गया कि फायरफाइटर्स किस प्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर जन-धन की रक्षा करते हैं और समाज के सच्चे हीरो होते हैं। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आग से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय भी सिखाए गए। उन्हें बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय शांत रहें, तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचे, आपातकालीन नंबर 101 पर कॉल करें और धुएं से बचने के लिए नीचे झुककर चलें। विशेषज्ञों ने अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) का सही उपयोग भी प्रदर्शित किया, जिसमें स्टॉप, ड्रॉप, रोल तथा पास तकनीकों को सरल और प्रभावी तरीके से समझाया गया। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड द्वारा उपयोग किए जाने वाले उपकरणों तथा स्कूल में इंस्टॉल की गई होज़ रील्स और वाटर पाइप्स के सही उपयोग की भी विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे छात्रों को वास्तविक परिस्थितियों में आग पर काबू पाने की प्रक्रिया को समझने का अवसर मिला। इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “अग्नि सम्मान अनार” का प्रतीकात्मक प्रदर्शन रहा, जिसके माध्यम से बच्चों को आग के प्रति सम्मान और सतर्कता का संदेश दिया गया। साथ ही फायर ब्रिगेड में उपयोग होने वाली रील्स (होज़ रील) और मोटर पाइप का लाइव डेमो भी प्रस्तुत किया गया, जिससे छात्रों को अग्निशमन की वास्तविक प्रक्रिया का अनुभव हुआ। इस अवसर पर आयोजित मॉक ड्रिल ने कार्यक्रम को और भी प्रभावशाली बना दिया। सायरन बजते ही छात्रों ने अनुशासन पूर्वक कक्षाओं से बाहर निकलकर निर्धारित सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस अभ्यास के माध्यम से बच्चों ने सीखा कि संकट की स्थिति में संयम बनाए रखना, एक-दूसरे की मदद करना और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलना कितना महत्वपूर्ण है। इस दौरान छात्रों को यह भी बताया गया कि आग एक प्रकार की आपदा (डिजास्टर) है और नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के दिशा-निर्देशों के अनुसार आपदा प्रबंधन की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्हें सिखाया गया कि किसी भी आपदा में सतर्कता, सही निर्णय और समय पर प्रतिक्रिया ही जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन एडवोकेट सुनील गर्ग ने अपने संबोधन में कहा कि फायरफाइटर्स हमारे समाज के सच्चे रक्षक हैं और विद्यालय का उद्देश्य छात्रों को केवल शिक्षा देना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाना भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की ट्रेनिंग विद्यार्थियों के जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होती है। इस मौके पर स्कूल की डायरेक्टर सुनीता गर्ग ने कहा कि विद्यालय सुरक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में हमेशा अग्रणी रहा है और इस प्रकार की गतिविधियां छात्रों को वास्तविक जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करती हैं। उन्होंने अभिभावकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉ. किचलू पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मोगा जिले में अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाओं और छात्र-केंद्रित गतिविधियों के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बोर्ड आफ सेकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई) पाठ्यक्रम पर आधारित यह संस्थान समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता है, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करते हैं। यह कार्यक्रम छात्रों, शिक्षकों और स्टाफ के बीच उत्साह और एकजुटता का प्रतीक बना तथा अंत में स्कूल प्रबंधन ने सभी फायरफाइटर्स को नमन करते हुए उनके योगदान को सलाम किया। इस मौके पर स्कूल के अध्यापक व विद्यार्थी मौजूद थे।

