गीता भवन मेंं पुरुषोत्तम मास के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा 8 से 15 जून तक ः एडवोकेट सुनील गर्ग

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ब्रह्मलीन स्वामी सहज प्रकाश जी महाराज की कर्मस्थली एवं स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज की तपोस्थली गीता भवन, मोगा में पावन पुरुषोत्तम मास (अधिक मास) के उपलक्ष्य में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन 8 जून से 15 जून तक किया जा रहा है। कथा का आयोजन प्रतिदिन सायं 4 बजे से 7 बजे तक होगा। इस संबंधीि जानकारी देते हुए गीता भवन ट्रस्ट सोसायटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुनील गर्ग, महामंत्री अंशुल श्रीकुंज, जॉइंट सेक्रेटरी सुरेंद्र गोयल तथा सीनियर वाइस प्रेसिडेंट रविंद्र सूद, भरत अग्रवाल उपाध्यक्ष, कैशियर योगेश गर्ग ने बताया कि सरप्रस्त चिन्मयानंद जी महाराज के दिशा-निर्देशों पर सनातन धर्म में पुरुषोत्तम मास का अत्यंत विशेष महत्व है। यह पवित्र मास लगभग 32 महीने, 16 दिन और 8 घंटे के अंतराल के बाद आता है। शास्त्रों के अनुसार यह मास भगवान विष्णु एवं भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित है, इसलिए इसे पुरुषोत्तम मास कहा जाता है। उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार जब सभी महीनों ने इस अतिरिक्त मास की उपेक्षा कर इसे स्वीकार करने से इंकार कर दिया, तब भगवान श्रीकृष्ण ने इसे अपने नाम से विभूषित करते हुए “पुरुषोत्तम मास” का गौरव प्रदान किया। तभी से यह मास सभी महीनों में श्रेष्ठ और भगवान का प्रिय मास माना जाता है। पदाधिकारियों ने कहा कि इस मास में किए गए जप, तप, व्रत, दान, सत्संग, भागवत कथा श्रवण, हवन एवं धार्मिक अनुष्ठानों का फल अनेक गुना बढ़ जाता है। यह मास आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति, पुण्य संचय तथा ईश्वर की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना गया है। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि पुरुषोत्तम मास में किए गए शुभ कर्मों से धन-धान्य में वृद्धि, परिवार में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति तथा पितरों की आत्मा की शांति और सद्गति की प्राप्ति होती है। उन्होंने बताया कि गीता भवन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं, भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अमृतमय संदेश प्राप्त होगा। कथा श्रवण से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है तथा धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रति आस्था सुदृढ़ होती है। उन्होंने कहा कि 15 जून को सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन श्रीमद्भागवत कथा का विधिवत समापन होगा तथा समस्त श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। गीता भवन ट्रस्ट सोसायटी के पदाधिकारियों ने नगर तथा आसपास के क्षेत्रों के समस्त श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित इस पावन आयोजन में भाग लेकर श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करें, हवन-यज्ञ में आहुति दें तथा पुरुषोत्तम मास के दुर्लभ आध्यात्मिक लाभ को प्राप्त करें।

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