आगामी मानसून सीजन के दौरान जिला मोगा को संभावित बाढ़ जैसी स्थिति से सुरक्षित रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की आज डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने समीक्षा की।
बाढ़ से प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों, विशेषकर मोगा शहर और धर्मकोट तहसील, को सुरक्षित रखने के लिए अंतर-जिला कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी संबंध में आज डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विशेष बैठक की।
डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने कहा कि जिला मोगा के अंतर्गत आने वाले सतलुज नदी के तटबंधों को मजबूत करने का कार्य तेजी से पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को धुस्सी बांध की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात के मौसम के दौरान किसी प्रकार का नुकसान न हो। इसके अलावा उन्होंने जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के भी निर्देश जारी किए।
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों डिप्टी कमिश्नर मोगा ने नगर निगम मोगा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली 4.5 किलोमीटर लंबी ड्रेन की सफाई का स्वयं निरीक्षण किया था। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को ड्रेन के दोनों किनारों को पक्का करने का प्रस्ताव भेजने के लिए भी कहा, ताकि इसके जल प्रवाह को पूरी तरह से सुव्यवस्थित (चैनलाइज) किया जा सके।
डिप्टी कमिश्नर ने यह भी कहा कि नगर निगम ड्रेन पर बनी पुलियों को ऊंचा करने के लिए भी परियोजना तैयार करे, ताकि बरसात के मौसम में पुलियों के नीचे झाड़ियां एवं कचरा फंसने से उनके अवरुद्ध होने की समस्या का स्थायी समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि बाढ़ रोकथाम संबंधी तैयारियों के तहत आवश्यक संख्या में नावों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, सुरक्षित स्थानों की पहचान एवं सत्यापन सहित अन्य सभी आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की जाए।
इस अवसर पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसपिंदर सिंह, सभी एसडीएम, ड्रेनेज, राजस्व, स्वास्थ्य तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

