राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ.कालेज आफ फार्मेसी में विगत दो दिन से चल रहे फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम जिसमें आर्टिफिशियल इंटैलीजैंस, डिजीटल टैक्नालाजी, रीसैंट एडवांसिस इन टीचिंग लर्निंग प्रोसेस, नेशनल एजुकेशन पालिसी, पी.सी.आई के द्वारा हाल ही में नए सिलेबस के साथ-साथ डिजीटल प्लेटफार्म के उपयोग पर व्याख्यान आयोजित किए गए। संस्था के प्रोफेसर डा.शमशेर सिंह, डा. संत कुमार वर्मा, डा. विवेक असाठी, डा. बालक दास, डा. निधि गुप्ता, डा. अमनदीप सिंह, डा. सौरभ कोसे, डा. प्रीती पटेल, डा. वेदपाल सिंह आदि ने व्याख्यान दिए। इस दौरान फैकल्टी के द्वारा इंट्रेक्शन किया गया एवं एकेडमिक सेशन 2026-27 में फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया के द्वारा दी गई गाइडलाइन पर चर्चा की गई। इस दौरान सभी शिक्षकगणों को संस्था के डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता ने शपथ दिलाई, जिसमें न केवल अच्छी शिक्षा, दीक्षा एवं रिसर्च, बल्कि सभी को मिलकर सेंट्रल आफ एक्सीलेंस बनाने पर जोर दिया एवं भारत सरकार के द्वारा दी गई गाइडलाइन्स के मुताबिक सभी इथीक्स को बनाए रखते हुए इनोवेशन, टैक्नालाजी पर जोर दिया। कार्यक्रम का सुचारु रूप से संचालन सीमा बराड़ एवं रोमप्रीत कौर ने किया एवं सभी का धन्यवाद आई.क्यू.ए.सी. के कोआडीनेटर डा.सिद्धार्थ मेहन ने किया। इस मौके पर संस्था के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, सचिव इंजी. जनेश गर्ग, डा.मुस्कान गर्ग, डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता, आई.एस.एफ.सी.पी.आर. के प्रिंसिपल डा. आर.के.नारंग ने फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।

