विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर डॉ. सैफुद्दीन किचलू पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, मोगा में विद्यार्थियों को बढ़ती जनसंख्या, संसाधनों के संतुलित उपयोग तथा सतत विकास के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत वाद-विवाद प्रतियोगिता, डिक्लेमेशन (भाषण) प्रतियोगिता तथा पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने विचारों, तर्कों एवं रचनात्मक प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस कार्यक्रम की शुरुआत विश्व जनसंख्या दिवस के महत्व पर विशेष प्रार्थना सभा से हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि विश्व की निरंतर बढ़ती जनसंख्या केवल संख्या का विषय नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार, जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग जैसी अनेक वैश्विक चुनौतियों से जुड़ा हुआ विषय है। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने संदेश दिया कि यदि प्रत्येक नागरिक जागरूक होकर जिम्मेदार जीवनशैली अपनाए, शिक्षा को बढ़ावा दे तथा परिवार नियोजन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बने, तो एक स्वस्थ, समृद्ध और टिकाऊ समाज का निर्माण संभव है। वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने “बढ़ती जनसंख्या : विकास की शक्ति या चुनौती” विषय पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने जनसंख्या वृद्धि के सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय प्रभावों पर तथ्यात्मक विचार रखते हुए संतुलित जनसंख्या की आवश्यकता पर बल दिया। डिक्लेमेशन प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने प्रभावशाली भाषणों के माध्यम से यह संदेश दिया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तथा जागरूक नागरिक ही विकसित भारत की मजबूत नींव बन सकते हैं। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने आकर्षक एवं संदेशात्मक पोस्टरों के माध्यम से “छोटा परिवार – सुखी परिवार”, “हर बच्चे को शिक्षा”, “जनसंख्या संतुलन, पर्यावरण संरक्षण” तथा “सतत विकास ही उज्ज्वल भविष्य” जैसे विषयों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्ति ने उपस्थित सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को गहराई से प्रभावित किया।

