पंजाब सरकार के निर्देशों और स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के आदेशों पर अमल करते हुए डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया के नेतृत्व में जिले में ‘सेफ स्कूल वाहन’ मुहिम के तहत विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर सतविंदर पाल सिंह और सहायक रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर शमिंदर सिंह मान ने विभिन्न स्कूलों की बसों की बारीकी से जांच की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने स्कूली बसों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों की जमीनी हकीकत देखी। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं का निरीक्षण किया गया। बसों के वैध कागजात, परमिट और फिटनेस सर्टिफिकेट,स्कूल बस ड्राइवरों के ड्राइविंग लाइसेंस, बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, फायर एक्सटिंग्विशर चेकिंग की। स्कूल बसों की जांच के साथ-साथ परिवहन विभाग की टीम ने शहर में चल रहे ई-रिक्शों पर भी शिकंजा कसा। चेकिंग के दौरान बिना वैध दस्तावेजों के सड़कों पर दौड़ रहे कई ई-रिक्शों के चालान काटे गए। इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।
सतविंदर पाल सिंह, आरटीओ, मोगा ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पंजाब सरकार द्वारा स्कूली वाहनों के लिए जारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करना हर स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और इस मामले में किसी भी प्रकार की सिफारिश या राजनीतिक दबाव को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्कूल प्रबंधकों से अपील की कि वे समय-समय पर अपने वाहनों की फिटनेस जांच करवाएं और सभी जरूरी दस्तावेजों को हमेशा अपडेट रखें।

