प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं धमार्चार्य पंडित रामचन्द्र कौशिक ने बताया कि इस वर्ष 25 जुलाई शनिवार को श्रावण कृष्ण पक्ष की कामिका एकादशी का पावन व्रत रखा जाएगा। सनातन धर्म में कामिका एकादशी का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीहरि विष्णु का पूजन एवं व्रत करने से व्यक्ति के पापों का नाश होता है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। पंडित रामचन्द्र कौशिक ने कहा कि श्रावण मास स्वयं भगवान शिव को समर्पित है, जबकि एकादशी भगवान विष्णु की आराधना का श्रेष्ठ दिन माना जाता है। ऐसे में श्रावण मास में आने वाली कामिका एकादशी का पुण्य कई गुना बढ़ जाता है। इस दिन प्रात:काल स्नान कर भगवान विष्णु का पूजन, तुलसी पत्र अर्पित करना, विष्णु सहस्रनाम अथवा “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करना अत्यंत फलदायी माना गया है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को इस दिन सात्विक जीवन अपनाते हुए व्रत, भजन-कीर्तन, दान-पुण्य तथा जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए। रात्रि में भगवान विष्णु के नाम का स्मरण और जागरण करने का भी विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि व्रत का पारण द्वादशी तिथि में विधिपूर्वक करना चाहिए। पंडित कौशिक ने कहा कि कामिका एकादशी केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, संयम, सेवा और सदाचार का संदेश भी देती है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत एवं पूजा-अर्चना करने का आह्वान किया और भगवान श्रीहरि से सभी के सुख, स्वास्थ्य एवं समृद्धि की कामना की।

