8 जुलाई से पूरे पंजाब में सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। आज अपनी मांगों के समर्थन में उन्होंने पंजाब बंद का आह्वान किया। मोगा की बात करें तो यहां बाजार पूरी तरह बंद देखने को मिले। हालांकि मेडिकल सेवाएं, अस्पताल, पेट्रोल पंप, बैंक, स्कूल, कॉलेज और सरकारी दफ्तर खुले रहे। इस बंद को समर्थन देते हुए विभिन्न किसान नेता, सामाजिक और धार्मिक संगठन भी सड़कों पर उतरे। मोगा के नगर निगम से एक विशाल रोष मार्च निकाला गया, जो शहर के विभिन्न बाजारों से होकर गुजरा। इस मार्च में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी, किसान और अलग-अलग संस्थाओं के लोग शामिल हुए। बंद में आम लोग ज्यादा परेशान नहीं हुए कियू की बंद 2 दिन पहले ही सोशल मीडिया पर न्यूज पेपर के जरिए लोगो तक सूचना पहुंच गई थी। सफाई कर्मचारियों की और से एक दिन पहले शहर में अनाउसमेंट करवा कर सभी दुकानदारों से संयोग मांगे थे बाजार सुबह 7 बजे से दोपहर साढ़े 3 बजे तक मुकम्मल बंद रहा। बंद शांति पूर्ण रुप से सम्पन्न हुआ
इस मौके पर सफाई यूनियन के नेता सतपाल अंजान ने बताया कि 8 जुलाई से सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की हैं, बल्कि बरनाला में सफाई कर्मियों पर लाठीचार्ज किया गया, जिसका वे विरोध करते हैं।आज इसी के विरोध में पूरे पंजाब बंद का आह्वान किया गया था, जिसमें मोगा के सभी शहरवासियों ने उनका साथ दिया। मोगा पूरी तरह बंद रहा। उन्होंने मांग की कि सरकार उनकी मांगों को जल्द पूरा करे और संबंधित डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
किसान नेता इकबाल सिंह ने बताया कि आज सफाई कर्मियों द्वारा किए गए पंजाब बंद को BKU किसान एकता एकता अग्रहा का भी समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं। जो काम सफाई कर्मचारी करते हैं, वह आम लोगों के बस की बात नहीं है—गंदे पानी में उतरकर सीवरेज साफ करना और पूरे शहर की सफाई बनाए रखना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सफाई कर्मियों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए और उनकी सभी जायज मांगें पूरी की जाएं। बरनाला में सफाई कर्मियों पर किया गया लाठीचार्ज पूरी तरह गलत है। इस मामले में संबंधित डीएसपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चा
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