बच्चों और किशोरियों में एनीमिया की समस्या को कम करने तथा उनकी पोषण स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन मोगा द्वारा आज “100 दिन पोषण के अभियान–एनीमिया मुक्त मोगा” की शुरुआत की गई। यह जिला स्तरीय कन्वर्जेंस अभियान स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब स्टेट रूरल लाइवलीहुड मिशन (पी.एस.आर.एल.एम.) तथा जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयास से चलाया जा रहा है।
सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बालिका), डाला में आयोजित उद्घाटन समारोह के दौरान डिप्टी कमिश्नर मोगा ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी), उप जिला शिक्षा अधिकारी (सेकेंडरी एवं एलीमेंट्री), खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, पी.एस.आर.एल.एम. के अधिकारी तथा गांव के सरपंच उपस्थित थे।
अभियान की शुरुआत चिन्हित लाभार्थियों को पौष्टिक लड्डू, पौष्टिक थेपले तथा चने वितरित कर की गई। पहले दिन सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (बालिका), डाला की 20 छात्राओं, सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक विद्यार्थी तथा स्थानीय आंगनवाड़ी केंद्र के दो बच्चों को पौष्टिक आहार प्रदान किया गया।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि एनीमिया केवल एक स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास, उनकी सीखने की क्षमता तथा भविष्य की उत्पादकता को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि इस 100 दिवसीय विशेष अभियान के माध्यम से वैज्ञानिक स्वास्थ्य जांच के आधार पर चिन्हित प्रत्येक लाभार्थी तक पौष्टिक आहार पहुंचाकर एनीमिया के उन्मूलन की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, पी.एस.आर.एल.एम. तथा जिला प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने आम जनता से भी इस पहल में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि समाज के सहयोग से ही “एनीमिया मुक्त मोगा” के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
अभियान के तहत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आर.बी.एस.के.) के अंतर्गत स्वास्थ्य जांच के दौरान चिन्हित किए गए 1,030 लाभार्थियों को अगले 100 दिनों तक नियमित रूप से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। ये लाभार्थी जिले की 251 संस्थाओं से संबंधित हैं, जिनमें 152 सरकारी विद्यालय (104 सेकेंडरी एवं 48 एलीमेंट्री) तथा 99 आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं।
लाभार्थियों की पोषण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान 1,030 पौष्टिक लड्डू, 608 पौष्टिक थेपले तथा 890 चने के पैकेट वितरित किए जाएंगे। ताजगी एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए पौष्टिक सामग्री सप्ताह में दो बार 12 क्लस्टर विद्यालयों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी, जहां से इसे विद्यालयों एवं आंगनवाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए नियमित निरीक्षण एवं डिजिटल रिपोर्टिंग प्रणाली भी लागू की गई है।
उद्घाटन समारोह के बाद डिप्टी कमिश्नर ने विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा घरेलू पौष्टिक भोजन, स्वयं निर्मित उत्पादों एवं रचनात्मक परियोजनाओं की सराहना की। उन्होंने विद्यालय की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) लैब का भी निरीक्षण किया और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जुड़ने के साथ-साथ संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जिला प्रशासन ने विश्वास व्यक्त किया कि यह 100 दिवसीय अभियान विभागीय समन्वय एवं सामाजिक सहभागिता का एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा तथा मोगा जिले में एनीमिया की दर कम करने के साथ-साथ बच्चों एवं किशोरियों के स्वस्थ एवं सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

