राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ.कालेज आफ फार्मेसी में इंस्टीट्यूशनल इनोवेशन सैल के तहत स्टार्टअप इनोवेशन ईको सिस्टम पर पैनल डिसक्शन का आयोजन किया गया। कोआडीनेटर डा.बालक दास कुर्मी ने बताया कि इस पैनल डिसक्शन की अध्यक्षता संस्था के डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता की उपस्थिति में बहुत ही काबिल एवं अनुभवी साइंटिस्ट डा. आर.के.नारंग, डा. शमशेर सिंह, डा. संत कुमार वर्मा, डा. वेदपाल सिंह, डा. शुभम सिंह, डा. निधि गुप्ता, डा. खड़ग राज आदि ने भाग लिया। सभी ने देश के अंदर चल रहे इनोवेशन एवं स्टार्टअप पर विचार रखे। डा. आर.के.नारंग ने कई उदाहरण प्रस्तुत किए, जिसमें इनोवेशन के लिए किए गए कार्यों व समाज के लिए आवश्यक कार्य़ों पर काम करने पर जोर दिया। इसी तरह अन्य वक्ताओं ने कहा कि बहुत बड़े इनोवेशन व स्टार्टअप की वजह उस ओर ध्यान देना चाहिए जो उस राज्य के लिए उपयोगी हो सके एवं वहां पर उत्पादन की जा रही वस्तुओं का सही उपयोग किया जा सके। डा.जी.डी.गुप्ता ने व्याख्यान में कहा कि लोकल फार वोकल के साथ-साथ जीरो डिफैक्ट-जीरा इफैक्ट रिसर्च पर जोर देने की आवश्यकता है, ताकि उत्पादन के साथ-साथ समाज के तानो-बाने को स्वच्छ वातावरण, पानी के साथ-साथ जलवायु ठीक रहे, इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। पैसे की लालसा में कई बार ऐसे कदम उठा लिए जाते हैं जो कि समाज के लिए, प्रकृति के लिए एवं देश के लिए बहुत ही नुकसानदायक साबित होते हैं। डा. बालक दास कुर्मी ने बहुत ही शिष्टाचार के साथ इसका आयोजन किया। सभी का धन्यवाद शुभम सिंह ने किया।

