पंजाब सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक प्रबंधों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से स्कूलों की नियमित निगरानी एवं चेकिंग की जा रही है। इसी कड़ी के तहत अतिरिक्त मुख्य सचिव, गुड गवर्नेंस एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, श्री डी.के. तिवारी द्वारा आज जिला मोगा के पीएम श्री सरकारी स्कूलों का औचक दौरा कर वहां चल रही शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तारपूर्वक जायजा लिया गया। इस अवसर पर उनके साथ डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया भी उपस्थित थे।
श्री डी.के. तिवारी द्वारा पीएम श्री स्कूल धल्लेके, पीएम श्री स्कूल कोट ईसे खां लड़कियां, पीएम श्री स्कूल धर्मकोट लड़कियां तथा पीएम श्री स्कूल गोदेवाला लड़कियां का दौरा किया गया।
उन्होंने विद्यार्थियों एवं अध्यापकों से सीधा संवाद करते हुए स्कूलों में शिक्षा के स्तर, विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति तथा उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की।
दौरे के दौरान श्री डी.के. तिवारी द्वारा स्कूलों में अध्यापकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, कक्षा-कक्षों की स्थिति, पढ़ाई के स्तर, साफ-सफाई प्रबंधों, पीने के स्वच्छ पानी, शौचालयों, मिड-डे मील/पीएम पोषण योजना, स्कूल रिकॉर्ड तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं का निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्कूलों में विद्यार्थियों को उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाओं तथा उनके प्रभावी उपयोग के संबंध में भी जानकारी हासिल की।
इस दौरान उन्होंने अध्यापकों से बातचीत कर विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में और सुधार लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों से बातचीत करते हुए उनकी पढ़ाई, स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं तथा किसी भी प्रकार की समस्या के संबंध में फीडबैक भी प्राप्त किया गया।
श्री डी.के. तिवारी ने स्कूल प्रमुखों एवं अध्यापकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा उनके सर्वांगीण विकास को सबसे अधिक प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की सीखने की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाए और जिन विद्यार्थियों को किसी विषय में अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है, उनके लिए विशेष प्रयास किए जाएं। इसके साथ ही स्कूलों में साफ-सफाई, सुरक्षा, अनुशासन एवं बुनियादी सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि स्कूलों की चेकिंग का उद्देश्य केवल कमियां ढूंढना नहीं, बल्कि स्कूलों के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रबंधों को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सहयोग, मार्गदर्शन तथा सुधारात्मक कदम सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अध्यापकों, स्कूल प्रमुखों तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ पूरी लगन एवं समर्पण से कार्य करना चाहिए।
डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा जिला मोगा में शिक्षा के स्तर को और ऊंचा उठाने तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ पढ़ाई की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सीखने की प्रगति तथा स्कूलों के समग्र प्रबंधों की ओर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा जरूरतमंद विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से अधिक सक्षम बनाने के लिए शुरू किए गए 100 दिवसीय पोषण अभियान के बारे में भी जानकारी दी।
इस अवसर पर शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी, स्कूल प्रमुख एवं अध्यापक भी उपस्थित थे।

