एशिया की प्रमुख शिक्षण संस्थाओं में शामिल डॉ. सैफुद्दीन किचलू पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में विद्यार्थियों को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए विश्व फोटोग्राफी दिवस उत्साह एवं रचनात्मकता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के इतिहास, महत्व और आधुनिक दौर में इसके बदलते स्वरूप से परिचित करवाया गया। विद्यार्थियों ने कैमरे और मोबाइल फोन के माध्यम से अपने आसपास की प्रकृति, सुंदर दृश्यों और जीवन के विभिन्न रंगों को तस्वीरों में कैद कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को समझाया गया कि आज के डिजिटल युग में फोटोग्राफी केवल पेशेवर कैमरों तक सीमित नहीं रह गई है। मोबाइल फोन का कैमरा आज हर व्यक्ति के हाथ में मौजूद है, जिसके माध्यम से बच्चे, युवा और बुजुर्ग अपने जीवन के महत्वपूर्ण एवं खूबसूरत पलों को हमेशा के लिए संजो रहे हैं। जन्मदिन, पारिवारिक समारोह, स्कूल की उपलब्धियां, यात्राएं, प्रकृति के सुंदर दृश्य और दोस्तों के साथ बिताए पल—आज हर खास क्षण तस्वीरों के माध्यम से यादों का हिस्सा बन जाता है। इस अवसर पर स्कूल के चेयरमैन एडवोकेट सुनील गर्ग ने कहा कि फोटोग्राफी केवल तस्वीर खींचने की कला नहीं, बल्कि एक पल को हमेशा के लिए जीवंत कर देने की कला है। उन्होंने कहा कि समय बीत जाता है, लेकिन एक अच्छी तस्वीर उस पल की भावनाओं, मुस्कान और यादों को वर्षों तक हमारे साथ बनाए रखती है। उन्होंने एक रोचक उदाहरण देते हुए कहा कि प्रकृति ने प्रत्येक इंसान को जन्म के साथ ही एक कैमरा दिया है और वह कैमरा हमारी आंखें हैं। हमारी आंखें आसपास की दुनिया के अनगिनत दृश्यों को देखती हैं और हमारा मस्तिष्क उन्हें यादों के रूप में संजोता है। इस अर्थ में देखा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति के भीतर एक फोटोग्राफर मौजूद है। एडवोकेट सुनील गर्ग ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक अच्छी तस्वीर केवल सुंदर दृश्य को कैद नहीं करती, बल्कि उसके पीछे छिपी भावना, कहानी और संदेश को भी सामने लाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे मोबाइल का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए न करें, बल्कि उसकी रचनात्मक क्षमता को पहचानें और फोटोग्राफी जैसी सकारात्मक गतिविधियों के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति को विकसित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने आसपास की छोटी-छोटी अच्छी चीजों को देखने की आदत विकसित करनी चाहिए—किसी बच्चे की मुस्कान, प्रकृति का सुंदर दृश्य, पक्षियों की उड़ान, वर्षा की बूंदें, स्कूल की कोई उपलब्धि या किसी व्यक्ति का अच्छा कार्य—इन सभी में एक खूबसूरत तस्वीर और एक प्रेरक कहानी छिपी हो सकती है। विद्यालय की डायरेक्टर श्रीमती सुनीता रानी गर्ग ने कहा कि फोटोग्राफी आज विद्यार्थियों के लिए रचनात्मक अभिव्यक्ति, अवलोकन क्षमता और कल्पनाशक्ति विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई है। मोबाइल फोन ने इस कला को प्रत्येक व्यक्ति के लिए सहज और सुलभ बना दिया है, लेकिन अच्छी फोटोग्राफी के लिए केवल कैमरा होना पर्याप्त नहीं है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रकाश, कोण, फ्रेम, पृष्ठभूमि, विषय-वस्तु और सही समय जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एक अच्छी तस्वीर के लिए अच्छी नजर और रचनात्मक सोच सबसे ज्यादा जरूरी है। सुनीता रानी गर्ग ने कहा कि स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को पहचानना और उन्हें अभिव्यक्ति के लिए उचित मंच प्रदान करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे फोटोग्राफी के माध्यम से अपने आसपास की सकारात्मकता, प्रकृति की सुंदरता, स्कूल की गतिविधियों और समाज में हो रहे अच्छे कार्यों को लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल हर विद्यार्थी के हाथ में है, इसलिए उसका सही और रचनात्मक उपयोग करना भी एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। तस्वीर ऐसी होनी चाहिए जो केवल देखने में सुंदर न लगे, बल्कि देखने वाले के मन में कोई अच्छी भावना, विचार या संदेश भी पैदा करे। इस अवसर पर अध्यापकों ने विद्यार्थियों को फोटोग्राफी से जुड़े तकनीकी एवं रचनात्मक पहलुओं की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया और अपने कैमरों एवं मोबाइल फोन से प्रकृति, विद्यालय परिसर तथा आसपास के खूबसूरत दृश्यों को कैद किया। विद्यार्थियों ने यह भी सीखा कि फोटोग्राफी के माध्यम से वे अपनी रचनात्मकता को किस प्रकार एक कहानी या संदेश का रूप दे सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को फोटोग्राफी के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया गया कि 1839 में फ्रांस में फोटोग्राफी की प्रारंभिक प्रक्रिया को सार्वजनिक किए जाने की ऐतिहासिक घटना के उपलक्ष्य में विश्व फोटोग्राफी दिवस मनाया जाता है।विद्यालय प्रबंधन ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि हर तस्वीर एक याद है, हर याद एक कहानी है और हर कहानी जीवन का एक खूबसूरत हिस्सा है। इसलिए तकनीक का सकारात्मक उपयोग करते हुए विद्यार्थी अपने आसपास की सुंदरता, अच्छे कार्यों और जीवन के प्रेरणादायक पलों को कैमरे में कैद करें और अपनी रचनात्मक सोच को नई उड़ान दें। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापकों ने भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया और उनकी रचनात्मक गतिविधियों की सराहना की।

