पंजाब के राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री स. हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशे के कोढ़ को जड़ से खत्म करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही नशे से पीड़ित व्यक्तियों के इलाज और पुनर्वास के माध्यम से उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
मोगा में विधायक निहाल सिंह वाला स. मनजीत सिंह बिलासपुर, विधायक बाघापुराना स. अमृतपाल सिंह सुखानंद और विधायक धर्मकोट स. दविंदरजीत सिंह लाडी ढोस, डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया, एसएसपी सरताज सिंह चहल के अलावा विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों के सदस्यों के साथ ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान की समीक्षा करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा नशे के खात्मे के लिए त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई गई है। इसमें नशे की सप्लाई को रोकना, लोगों में जागरूकता पैदा करना और नशे से पीड़ित लोगों का इलाज करवाकर उनका पुनर्वास सुनिश्चित करना शामिल है।
स. मुंडियां ने लोगों से अपील की कि वे नशा तस्करों के खिलाफ जानकारी देने के लिए पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘नशा नुक्ती ऐप’ और ‘सेफ पंजाब हेल्पलाइन 97791-00200’ का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जानकारी साझा करने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाती है।
उन्होंने नशा विरोधी अभियान के ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों द्वारा रखे गए विचारों और समस्याओं को भी गंभीरता से सुना। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को नशे से संबंधित मामलों की समयबद्ध जांच करके आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार नशा तस्करों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की दृढ़ नीति और पुलिस की कार्रवाई के चलते नशे की सप्लाई लाइन तोड़ने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
उन्होंने एसएसपी को निर्देश दिए कि जिले के करीब 20 हॉटस्पॉट क्षेत्रों में नशे के कोढ़ को सख्ती से खत्म किया जाए। इन क्षेत्रों में जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जाए।
स. मुंडियां ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि नशे से पीड़ित व्यक्तियों के इलाज, काउंसलिंग, पुनर्वास और नशा विरोधी जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि नशा पीड़ितों को उचित इलाज और सहयोग देकर समाज की मुख्यधारा में वापस लाना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि नशे के खात्मे के लिए युवाओं को खेलों से जोड़ना भी बेहद महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य के तहत पंजाब सरकार द्वारा ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ की शुरुआत की जा रही है, जिसमें विद्यार्थियों से लेकर 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं।
इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने कहा कि पंजाब सरकार के निर्देशों के अनुसार नशे की रोकथाम और नशा विरोधी जागरूकता के लिए जिला प्रशासन द्वारा पूरी लगन से काम किया जा रहा है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री को भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन द्वारा नशे के खात्मे के लिए किए जा रहे प्रयासों को और तेज तथा प्रभावी बनाया जाएगा।
इस अवसर पर मालवा जोन के ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के प्रभारी श्री गगनदीप धालीवाल ने विलेज एवं वार्ड डिफेंस कमेटियों द्वारा नशे की रोकथाम और जागरूकता के लिए निभाई जा रही भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (जनरल) स. जसपिंदर सिंह, एसडीएम, डीएसपी, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग के अधिकारी और नशा विरोधी अभियान के
कोऑर्डिनेटर उपस्थित थे।

