राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ.कालेज आफ फार्मेसी में एम.फार्म. छात्रों के रिसर्च कार्य के लिए रिसर्च एडवाइजरी कमेटी के द्वारा छात्रों के द्वारा किए जाने वाले शोध कार्यों के लिए मीटिंग का आयोजन किया गया। रिसर्च एंड एडवाइजरी कमेटी के डीन डा. शमशेर सिंह ने बताया कि संस्था के डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता ने छात्रों को रिसर्च के दौरान इथिक्स, सही डाटा के साथ-साथ टैक्नालाजी का उपयोग करते समय पूर्ण ध्यान रखना चाहिए। इस मौके पर छात्रों के द्वारा रिसर्च कार्य को प्रस्तुत किया, जिसमें रिसर्च टीम के द्वारा छात्रों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए, जिसमें तर्क संगत रिसर्च, हाईपोथिसिस, एमओफएग्जेक्टिव के साथ-साथ जो कार्य रिसर्च के दौरान प्रस्तुत करना है उस पर बहुत ही बारीकी से चर्चा की गई। रिसर्च कमेटी के समक्ष एम.फार्म के हर विद्यार्थी के द्वारा रिसर्च कार्य को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आई.एस.एफ.सी.पी.आर. के प्रिंसिपल डा. आर.के.नारंग, डा.जी.एस.शर्मा, डा. बालक दास कुर्मी, डा. सौरभ कोसे, डा. संत कुमार वर्मा, डा.वेदपाल, डा.भीमाकिरण, डा. खड़ग राज, डा.सिद्धार्थ मेहन, डा.विवेक असाठी, डा.प्रीती पटेल, डा.निधि गुप्ता, डा. शुभम ठाकुर, डा. अमनदीप सिंह, डा. शुभम सिंह, डा. शिवम कुमार पांडे, डा.माधव द्विवेदी, सीमा बराड़ आदि ने भाग लिया एवं छात्रों को तकनीकी सुझाव दिए। डा. गुप्ता ने कहा कि आई.एस.एफ.कालेज आफ फार्मेसी की आर.ए.सी. कमेटी प्रत्येक तीन माह में रिसर्च की समीक्षा करती है, साथ ही विद्यार्थियों को आने वाली परेशानियों पर सुझाव देते हुए आगे काम करने के लिए तकनीकी जानकारी देती है, साथ ही सुविधाएं मुहैया करवाती है। संस्थान के चेयरमैन प्रवीण गर्ग ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण एवं उपयोगी रिसर्च के लिए यह महाविद्यालय समस्त सुविधाएं उपलब्ध करवाता है, साथ ही आधुनिक टैक्नालाजी को लगातार लैबों के अंदर प्रदान करने की कोशिश की जाती है।

