टी.एल.एफ स्कूल के युवा इनोवेटर्स ने सीखी स्वायत्त तकनीक, रोबोटिक्स में किया शानदार प्रदर्शन

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शहर की प्रमुख शिक्षण संस्था द लर्निंग फील्ड–ए ग्लोबल स्कूल (टी.एल.एफ) मोगा की रोबोटिक्स लैब में विद्यार्थियों के लिए उन्नत प्रायोगिक गतिविधि का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने लाइन डिटेक्शन और रियल-टाइम ऑब्जेक्ट डिटेक्शन पर आधारित स्वायत्त रोबोटिक मॉडल तैयार कर अपनी तकनीकी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। लैब मेंटरों के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों ने टीमवर्क के साथ रोबोटिक रोवर को डिजाइन करने, असेंबल करने, वायरिंग करने और प्रोग्रामिंग करने का कार्य किया। तैयार किए गए स्वायत्त रोवर निर्धारित मार्ग पर चलने, वस्तुओं की पहचान करने तथा आसपास की परिस्थितियों के अनुसार प्रतिक्रिया देने में सक्षम रहे। इस गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को रोबोटिक्स, सेंसर, प्रोग्रामिंग, ऑटोमेशन, समस्या समाधान और इंजीनियरिंग डिजाइन का व्यावहारिक अनुभव मिला। साथ ही विद्यार्थियों में रचनात्मकता, तार्किक सोच, टीम भावना और नवाचार की भावना को भी प्रोत्साहन मिला। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन इंजी. जनेश गर्ग ने कहा कि आज के तकनीकी युग में विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीक का व्यावहारिक अनुभव देना बेहद जरूरी है। रोबोटिक्स जैसी गतिविधियां बच्चों की जिज्ञासा को बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं। इस मौके पर स्कूल की डायरेक्टर डॉ. मुस्कान गर्ग ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा स्वयं रोबोटिक मॉडल तैयार करना उनकी रचनात्मकता और तकनीकी क्षमता का परिचायक है। स्कूल का प्रयास है कि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से परिचित करवाते हुए उन्हें प्रयोग करने, गलतियों से सीखने और नए समाधान विकसित करने के अवसर प्रदान किए जाएं। इस मौके पर डायरेक्टर अकादमिक्स गगनदीप सिंह ने कहा कि ऐसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विज्ञान और तकनीक के सिद्धांतों को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने का अवसर मिलता है। रोबोटिक्स विद्यार्थियों में तार्किक एवं विश्लेषणात्मक सोच विकसित करने के साथ उन्हें टीमवर्क और समस्या समाधान के लिए भी प्रेरित करती है।इस मौके पर स्कूल की प्रिंसिपल नीतू डांडी ने कहा कि विद्यार्थियों का उत्साह और तकनीकी जिज्ञासा सराहनीय है। स्कूल में अनुभवात्मक शिक्षा को प्राथमिकता दी जाती है, ताकि विद्यार्थी केवल विषयों को पढ़ें ही नहीं, बल्कि उन्हें प्रयोग करके समझें और अपनी कल्पनाशीलता को नए विचारों में परिवर्तित कर सकें। चेयरमैन इंजी. जनेश गर्ग ने विद्यार्थियों और लैब मेंटरों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों को भविष्य की आधुनिक तकनीकों को समझने तथा आत्मविश्वास के साथ नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए तैयार करती हैं।

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