शहर की प्रमुख संस्था द लर्निंग फील्ड–ए ग्लोबल स्कूल (टी. एल. एफ ) के किंडरगार्टन विंग, जिसमें नर्सरी से यूकेजी तक के विद्यार्थी शामिल हैं, की ओर से ग्रैंडपेरेंट्स डे बड़े उत्साह, प्रेम और आत्मीयता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और उनके दादा-दादी व नाना-नानी के बीच प्रेम, सम्मान और भावनात्मक संबंधों को और मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में टीएलएफ के चेयरमैन प्रवीण गर्ग मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। स्कूल के चेयरमैन इंजीनियर जनेश गर्ग ने मुख्य अतिथि एवं समारोह में पहुंचे सभी दादा-दादी और नाना-नानी का गर्मजोशी से स्वागत किया। डायरेक्टर डॉ. मुस्कान गर्ग ने भी समारोह में विशेष रूप से शिरकत की। इस अवसर पर आईएसएफ कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डायरेक्टर डॉ. जे.डी. गुप्ता तथा प्रिंसिपल डॉ. आर.के. नारंग भी उपस्थित रहे। स्कूल की प्रिंसिपल नीतू डांडी ने मुख्य अतिथि, गणमान्य अतिथियों तथा अभिभावकों के वरिष्ठ सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी बच्चों के जीवन में प्रेम, संस्कार, अनुभव और मार्गदर्शन का अनमोल स्रोत हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद नन्हे विद्यार्थियों ने मधुर एवं मनमोहक ढंग से गायत्री मंत्र प्रस्तुत किया। बच्चों ने कविताओं, नृत्य, भाषणों, लघु नाटिकाओं तथा ‘संस्कारशाला’ की प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने दादा-दादी और नाना-नानी के प्रति प्रेम, सम्मान और आभार व्यक्त किया। नन्हे बच्चों की मासूम मुस्कान और आत्मविश्वास से भरी प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को भावनाओं से भर दिया। इस समारोह का सबसे आकर्षक एवं यादगार हिस्सा ग्रैंडपेरेंट्स रैंप वॉक रहा। दादा-दादी और नाना-नानी ने पूरे उत्साह एवं आत्मविश्वास के साथ रैंप पर अपनी अदाओं का प्रदर्शन किया। उनकी शानदार भागीदारी पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसके अलावा ग्रैंडपेरेंट्स ने विभिन्न मनोरंजक खेलों एवं गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान हंसी-खुशी और उत्साह का माहौल बना रहा। मुख्य अतिथि श्री परवीन गर्ग ने स्कूल द्वारा आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए प्रबंधन, अध्यापकों और विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि दादा-दादी और नाना-नानी बच्चों को संस्कार, परंपराएं, जीवन के अनुभव और नैतिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुभव बच्चों के व्यक्तित्व निर्माण में अमूल्य योगदान देते हैं। इस मौके पर स्कूल के चेयरमैन इंजीनियर जनेश गर्ग ने कहा कि ग्रैंड पेरेंट्स परिवार की वह मजबूत कड़ी हैं, जो नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और संस्कारों से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ दादा-दादी का समय बिताना उनके भावनात्मक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। टीएलएफ भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से पारिवारिक मूल्यों को बढ़ावा देता रहेगा।
डायरेक्टर डॉ. मुस्कान गर्ग ने कहा कि ग्रैंड पेरेंट्स बच्चों के लिए केवल परिवार के वरिष्ठ सदस्य नहीं, बल्कि उनके पहले मार्गदर्शक और संस्कारों के वाहक होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने ग्रैंड पेरेंट्स के अनुभवों से सीखने और उनके साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने का अवसर देना इस समारोह का सबसे सुंदर पहलू रहा।
प्रिंसिपल नीतू डांडी ने कहा कि ग्रैंडपेरेंट्स डे बच्चों के लिए प्रेम, सम्मान और पारिवारिक मूल्यों को समझने का अनूठा अवसर है। उन्होंने कहा कि नन्हे विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रम और ग्रैंडपेरेंट्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के अंत में एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. सोनिया सचदेवा ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत करते हुए मुख्य अतिथि, गणमान्य अतिथियों, स्कूल प्रबंधन, अध्यापकों, विद्यार्थियों तथा सभी ग्रैंड पेरेंट्स का आभार व्यक्त किया। ग्रैंड पेरेंट्स डे केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीढ़ियों के मिलन और पारिवारिक रिश्तों की गर्माहट का सुंदर उत्सव बनकर सामने आया। समारोह के दौरान सभागार में गूंजती तालियां, बच्चों की मुस्कान और ग्रैंडपेरेंट्स का उत्साह इस बात का संदेश दे रहा था कि दादा-दादी और नाना-नानी का स्नेह बचपन को और भी खूबसूरत बना देता है।

