भिंडर कलां में धान की पराली के उचित प्रबंधन संबंधी किसान जागरूकता शिविर आयोजित

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पंजाब सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत जिला प्रशासन मोगा के नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, मोगा द्वारा धान की पराली के उचित प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण संबंधी किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से गांव भिंडर कलां में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत ब्लॉक स्तरीय किसान प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

 

मुख्य कृषि अधिकारी मोगा डॉ. अमृतपाल सिंह और जिला प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. नवदीप सिंह के दिशा-निर्देशों के अनुसार तथा ब्लॉक कृषि अधिकारी कोट ईसे खां डॉ. गुरबाज सिंह के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने किसानों के साथ कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

 

शिविर के दौरान कृषि विस्तार अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और सी.आर.एम. योजना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने धान की पराली को जलाने के बजाय उसे खेत में ही मिलाकर गेहूं की बुवाई करने के लाभों के बारे में बताया तथा पराली के उचित प्रबंधन के लिए अपनाई जाने वाली विभिन्न तकनीकों की जानकारी साझा की। उन्होंने किसानों को फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करके मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

 

कृषि विकास अधिकारी डॉ. जसबीर कौर ने धान और गेहूं की फसलों में लगने वाले कीटों एवं रोगों की पहचान तथा उनके उचित प्रबंधन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी करने और आवश्यकता के अनुसार ही कृषि इनपुट का उपयोग करने के लिए कहा।

 

कृषि विस्तार अधिकारी डॉ. राजन कुमार ने मिट्टी और पानी की जांच के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को मिट्टी जांच रिपोर्ट के अनुसार उर्वरकों का संतुलित एवं उचित उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि कृषि की इन विधियों को अपनाकर खेती की लागत कम करने और संसाधनों के उचित उपयोग में मदद मिल सकती है।

 

इस अवसर पर भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. हरमनप्रीत कौर ने भूमि संरक्षण विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। बागवानी विकास अधिकारी श्री मनीष नरूला ने बागवानी विभाग द्वारा किसानों को दी जा रही सब्सिडी और अन्य सुविधाओं के बारे में अवगत करवाया तथा उन्हें इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की।

 

शिविर के दौरान वन विभाग की ओर से किसानों को पौधे भी वितरित किए गए, ताकि पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा दिया जा सके।

 

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