राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ.कालेज आफ फार्मेसी में विश्व हृदय दिवस का आयोजन डिर्पाटमेंट आफ फार्म.डी. के द्वारा किया गया। सर्वप्रथम फार्म.डी. के हेड डा. सौरभ कोसे ने मुख्य वक्ता डा.माधव द्विवेदी का स्वागत करते हुए कहा कि इस वर्ष का विश्व हृदय दिवस दिल की कोई चेतावनी न चूंके पर देश के प्रत्येक नागरिक को यह संदेश देने के लिए आयोजित किया गया। डा.माधव द्विवेदी ने अपने व्याख्यान में कहा कि देश विश्व की सबसे बड़ी आबादी वाला देश बन गया है। जिसके कारण वातावरण परिवर्तन के साथ-साथ कई मूलभूत सुविधाओं में परिवर्तन आए हैं, जिसमें विशेष रूप से दैनिक शैली में आए हैं। अतः हृदय को स्वस्थ रखने के लिए कभी भी कोई भी अंशिक लक्षण दिखाई दे, जैसे सीने में दर्द, दबाव, सांस फूलना, अचानक पसीना आना, कमजोरी महसूस करना, हाथ में दर्द, कंधे, गर्दन, जबड़े, पीठ जैसी समस्या हो तो इन लक्षणों की अनदेखी नहीं करना चाहिए। साथ ही शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्याख्यान, संतुलित आहार, ध्रूमपान मुक्त जीवन, ब्लड प्रैशर, कोलेस्ट्रोल पर ध्यान देते हुए पर्याप्त नींद लेनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डा. हेमलाहुन सिंडई एवं डा. मोहित यादव ने किया। इस मौके पर संस्था के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, सचिव इंजी. जनेश गर्ग, डा. मुस्कान गर्ग, डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता, आई.एस.एफ.सी.पी.आर के प्रिंसिपल डा. आर.के.नारंग ने विश्व हृदय दिवस पर करवाए गए व्याख्यान के सफल आयोजन की शुभकामनाएं दी।

