अतिरिक्त मुख्य सचिव डी.के. तिवारी ने मोगा जिले में धान खरीद का लिया जायजा

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पंजाब सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री डी.के. तिवारी ने मोगा जिले में धान की खरीद व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने आज डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और खरीद एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान कहा कि पंजाब सरकार किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है।

 

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा धान की खरीद के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसके तहत मोगा जिले में 13.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे किसानों की मेहनत से पैदा हुई फसल की अच्छी पैदावार के साथ पूरा कर लिया जाएगा।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे लगातार मंडियों का दौरा करें तथा किसानों, आढ़तियों और मजदूरों से बातचीत करके खरीद प्रक्रिया को सुचारू ढंग से संपन्न करवाएं।उन्होंने यह भी कहा कि खरीद के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए पंजाब सरकार द्वारा बारदाने तथा किसानों को भुगतान करने के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। श्री तिवारी ने मोगा अनाज मंडी का दौरा करके किसानों और आढ़तियों से बातचीत की तथा धान खरीद संबंधी जानकारी प्राप्त की।डिप्टी कमिश्नर श्री सागर सेतिया ने बताया कि मोगा जिले में कुल 112 स्थायी एवं अस्थायी मंडियां हैं, जिनमें से 97 मंडियों में धान की आवक शुरू हो चुकी है। आने वाले कुछ दिनों में धान की आवक में तेजी आने की संभावना है।उन्होंने बताया कि अब तक 1 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है और इसके लिए किसानों को साथ-साथ भुगतान भी किया जा चुका है।श्री तिवारी ने मोगा जिले में पराली के उचित निपटारे की भी समीक्षा की। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे खेतों में ही पराली का निपटारा करें। इससे भूमि की सेहत में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।उन्होंने जिले में गठित की गई 9 पराली प्रोटेक्शन फोर्स के कार्यों की भी समीक्षा की। इसके अतिरिक्त बेलरों के माध्यम से पराली की गांठें बनाकर उसे सुरक्षित रखने के प्रबंधों का जायजा लिया गया।इस अवसर पर डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि मोगा जिले में किसानों को जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाया गया है। इसके अलावा किसानों के सहयोग और प्रशासन की कार्रवाई के परिणामस्वरूप पराली जलाने की घटनाओं में 52 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है।उन्होंने बताया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए 197 नोडल एवं क्लस्टर अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त किसानों को सब्सिडी पर 1,214 मशीनें उपलब्ध करवाई गई हैं। सहकारिता विभाग द्वारा भी 386 मशीनें खरीदी गई हैं, जिन्हें किसानों के उपयोग के लिए उपलब्ध करवाया गया है।इसी प्रकार, दीवारों पर चित्रकारी और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से भी किसानों को जागरूक किया जा रहा है।इस अवसर पर एसएसपी श्री सरताज सिंह चाहल ने बताया कि गश्त करने वाली टीमों की संख्या बढ़ाकर 45 कर दी गई है।इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसपिंदर सिंह, एसडीएम, खरीद एजेंसियों के अधिकारी तथा खाद्य आपूर्ति, कृषि और सहकारिता विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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