पंजाब भर में वकीलों ने 21 फरवरी से 27 फरवरी तक नो वर्क का ऐलान किया है। जिसके चलते फगवाड़ा कोर्ट में आज कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस अवसर पर बार एसोसिएशन फगवाड़ा की मुख्य सचिव एडवोकेट धनदीप कौर तथा एडवोकेट चंद्र शेखर ने बताया कि वकीलों ने अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर यह कदम उठाया है। जिसमें अपराधियों को आसानी से जमानत मिलना, ग्राम पुलिस व्यवस्था और फैक्टर एक्शन प्लान केस शामिल हैं। वकीलों का कहना है कि राज्य में लूटपाट और चोरी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। आम नागरिकों को कोर्ट से जमानत मिलना मुश्किल हो गया है, जबकि लुटेरों और चोरों को आसानी से जमानत मिल जाती है। बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट रविंदर शर्मा नीटा ने बताया कि पुलिस द्वारा चोरों के पकड़े जाने पर उन्हें सरकारी नीति के तहत मुफ्त कानूनी सहायता और जमानत मिल जाती है। वकीलों ने आरोप लगाया कि सरकार अपराधियों की जमानत के पैसों का भी इंतजाम करती है। जिससे अपराधों का ग्राफ बढ़ रहा है क्योंकि अपराधियों को पता है कि सरकार उन्हें बचा लेगी। इन्हीं तीनों मुद्दों को लागू न किए जाने के विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब भर के बार एसोसिएशन के अध्यक्षों द्वारा हड़ताल का आह्वान किया गया था जिसके परिणामस्वरूप मंगलवार को फगवाड़ा कोर्ट कांप्लेक्स में कोई वकील उपस्थित नहीं हुआ तथा 27 फरवरी तक ये हड़ताल जारी रहेगी।
वकीलों को गांवों में जाकर कोर्ट लगाने का विरोध
वकीलों का तर्क है कि यदि ऐसी व्यवस्था शुरू करनी है तो इसकी शुरुआत सुप्रीम कोर्ट से होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि केरल, तमिलनाडु या पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से पेशी पर आने वाले लोगों के लिए उनके ही राज्य में एक बेंच बनाई जाए। इसी तरह, हाई कोर्ट के लिए चंडीगढ़ जाने के बजाय गुरदासपुर, पटियाला सहित अन्य जिलों में बेंच स्थापित की जानी चाहिए।
फैक्टर एक्शन प्लान से पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा
तीसरा मुद्दा फैक्टर एक्शन प्लान केस से जुड़ा है। इसमें पहले मामलों को पुराना किया जाता है और फिर उनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए जाते हैं। वकीलों का कहना है कि इस प्रक्रिया से पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाता और वकीलों पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है। क्योंकि जज मामलें को निपटाने के लिए 2 दिन बाद की तारीख पर तारीख देनी शुरू कर रहे हैं।
इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट रविंदर शर्मा नीटा, मुख्य सचिव धनदीप कौर, कोषाध्यक्ष मनप्रीत कौर, सह सचिव सन्नी देव, रजनी बाला, गुरदीप संगर, हरजीत कौर, आशीष शर्मा तथा नीतू आदि भी उपस्थित थे।

