जगराओं — हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वीरवार को गांव झोरड़ा स्थित ठाठ 13 मंजिल गुरुद्वारा साहिब में बाबा इंशर सिंह के जन्म दिवस और बाबा नारायण सिंह की वरसी के मौके पर नतमस्तक होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ माथा टेककर आशीर्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर रामनवमी और दुर्गा पूजा की बधाई देते हुए कहा कि पंजाब और हरियाणा आज भी भाईचारे की मिसाल हैं और दोनों राज्यों के लोगों के बीच आपसी प्रेम और सहयोग की परंपरा हमेशा बनी रहनी चाहिए।
अपने संबोधन में उन्होंने हरियाणा सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी के 350वें प्रकाश पर्व पर राज्य स्तरीय समागम आयोजित करवाया था, जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे थे। इस अवसर पर गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया गया था।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने 1984 के दंगा पीड़ित 121 परिवारों को सरकारी नौकरी भी प्रदान की है। इसके अलावा गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर सरकारी कॉलेज का नाम रखा गया है तथा बाबा बंदा सिंह बहादुर के नाम पर यमुनानगर में स्मारक बनाया गया है। हरियाणा में कई सरकारी कॉलेजों के नाम भी गुरुओं के नाम पर रखे गए हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि हरियाणा सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर गुरुद्वारा चिल्ला साहिब, सिरसा के लिए 9 एकड़ जमीन दी है। साथ ही तीर्थ यात्रा के लिए संगत को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है।
अंत में उन्होंने कहा कि बाबा घाला जी की ओर से जो भी सेवा उन्हें सौंपी जाएगी, उसे पूरी श्रद्धा के साथ निभाया जाएगा।

