मंडियों में किसान परेशान: गेहूं खरीद की रफ्तार सुस्त, 7-8 दिन से फसल लेकर बैठे अन्नदाता

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पंजाब में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया भले ही शुरू हो चुकी हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मोगा जिले की 112 मंडियों में गेहूं की आमद तेज़ी से हो रही है, पर खरीद प्रक्रिया की धीमी होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि कई किसान 7-8 दिनों से मंडियों में अपनी फसल लेकर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी फसल खरीदने के लिए संबंधित एजेंसियां मौके पर नहीं पहुंची हैं। गर्मी और असुविधाओं के बीच किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मोगा मंडी में केंद्रीय एजेंसी की टीम द्वारा गेहूं के सैंपल जरूर लिए गए हैं, जिससे उम्मीद जगी है कि केंद्र द्वारा कुछ रिलेक्सेशन मिलने के बाद खरीद प्रक्रिया में तेजी आ सकती है।

 

मंडी में बैठे किसानों का कहना है कि उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी फसल की खरीद नहीं हो रही और वे पिछले 6-7 दिनों से मंडी में अपनी फसल लेकर बैठे हुए हैं। रात के समय चोरी का डर बना रहता है, वहीं आवारा पशुओं से भी फसल को नुकसान होने का खतरा है। इसके अलावा मौसम भी खराब चल रहा है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। किसानों का कहना है कि वे हर तरफ से परेशान हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द खरीद प्रक्रिया को तेज किया जाए। जब खरीद और लिफ्टिंग दोनों सही तरीके से होंगी, तभी दूसरे किसान भी अपनी फसल मंडी में लाने के लिए प्रेरित होंगे। मंडी में लिफ्टिंग न होने के कारण जगह की भी कमी हो गई है, जिससे हालात और ज्यादा गंभीर बनते जा रहे हैं।

 

 

 

निहाल सिंह आढ़तीया का कहना है कि इस मंडी में किसान और आढ़ती दोनों ही परेशान हैं। एजेंसियां फसल की खरीद नहीं कर रही हैं, जिससे मंडी में गेहूं पड़ा हुआ है। एजेंसियां केंद्र सरकार से राहत (रिलैक्सेशन) मिलने का इंतजार कर रही हैं और फसल को देखकर ही वापस चली जाती हैं, कोई खरीद नहीं कर रही हैं। उन्होंने बताया कि सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द फसल खरीद प्रक्रिया को तेज करे, ताकि किसान और आढ़तियों की परेशानी दूर हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि कल केंद्र की एजेंसी सैंपल लेकर गई है, अब देखना है कि मोगा मंडी में खरीद कब तक शुरू होती है। समय पर लिफ्टिंग न होने के कारण उन्हें अपनी फसल को मंडियों में लंबे समय तक संभालकर रखना पड़ रहा है, मौसम खराब हो जाए तो जिससे नुकसान का खतरा भी बढ़ रहा है। मंडी में लिफ्टिंग होगा तो किसानों को फसल रखने जगा मिलेगा किसानों को परेशानी नहीं होगा।बही किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि लिफ्टिंग प्रक्रिया को तेज किया जाए ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

 

 

 

जानकारी देते हुए डीएफएससी सुखविंदर सिंह गिल ने बताया कि इस सीजन में मोगा जिले में लगभग 7.35 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आमद होने की संभावना है। मोगा की मंडियों में अब तक करीब 58 हजार मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है, जिसमें से लगभग 27 हजार मीट्रिक टन की खरीद की जा चुकी है। वहीं अब तक करीब 1200 मीट्रिक टन गेहूं की लिफ्टिंग भी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं के दानों की गुणवत्ता पर कुछ असर पड़ा है। इसी के चलते पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से कुछ राहत (रिलैक्सेशन) की मांग की है। कल मोगा मंडी से केंद्र की एजेंसियां गेहूं के सैंपल लेकर गई हैं, जिनकी रिपोर्ट आज शाम तक आने की संभावना है। रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि कितना रिलैक्सेशन दिया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि जो गेहूं सही हे उसकी खरीद लगातार जारी है। लिफ्टिंग का काम भी चल रहा है और आने वाले एक-दो दिनों में इसमें और तेजी आने की उम्मीद है।

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