बठिंडा। मौड मंडी में महक पैलेस के पास रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा कथित तौर पर पत्नी, ससुराल पक्ष और मौड़ थाने के एक पुलिस कर्मी से परेशान होकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान फिरोज खां के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि आत्महत्या से पहले फिरोज ने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने पत्नी समेत ससुराल पक्ष के सदस्यों और एक पुलिस कर्मी पर धमकाने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मृतक की मां प्रवीण कौर ने आरोप लगाया कि उसकी बहू सोनिया रानी उसके बेटे को अक्सर परेशान करने के साथ मारपीट भी करती थी। परिवार का दावा है कि सोनिया रानी की मौड़ थाने के एक पुलिस कर्मी से मिलीभगत थी और उसकी मदद से फिरोज को डराया-धमकाया जाता था। इससे वह काफी परेशान था।
मृतक के भाई हनीफ खां निवासी मौड़ खुर्द ने बताया कि फिरोज की शादी करीब डेढ़ साल पहले चकेरिया, मानसा निवासी सोनिया से हुई थी। शादी के बाद दोनों परिवारों में कई बार विवाद हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में पंचायत स्तर पर समझौता भी हुआ, लेकिन इसके बावजूद फिरोज और परिवार को परेशान किया जाता रहा। हनीफ के अनुसार, आत्महत्या से पहले भी सोनिया ने फिरोज को फोन कर कथित तौर पर धमकाया था।
परिजनों के मुताबिक, वीडियो में फिरोज ने अपनी पत्नी सोनिया, ससुर जसवीर सिंह, सास पम्मी, एक अन्य रिश्तेदार और मौड़ थाने के एक पुलिस कर्मी पर धमकाने के आरोप लगाए। उसने परिवार के सदस्यों से माफी मांगते हुए अपनी मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
घटना के बाद किसान यूनियन एकता डकौंदा के ब्लॉक प्रधान हेमराज समेत कई पदाधिकारी व अन्य लोग मौड़ थाने पहुंचे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इंसाफ नहीं मिलने पर उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई जाएगी।
डेढ़ साल पहले हुई थी शादी
मृतक के भाई हनीफ खान ने बताया कि फिरोज की शादी करीब डेढ़ साल पहले मानसा जिले के चकेरिया निवासी सोनिया रानी के साथ हुई थी। उनके मुताबिक, शादी के बाद से ही पति-पत्नी के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
हनीफ खान का आरोप है कि विवाद को लेकर परिवार की ओर से पंचायत के स्तर पर समझौता भी कराया गया था, लेकिन इसके बाद भी परेशानी खत्म नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि सोनिया रानी की ओर से उनके भाई और परिवार से पैसों की मांग की जाती थी तथा पुलिस कर्मचारी के माध्यम से भी उसे कथित तौर पर डराया जाता था।
परिवार के मुताबिक, घटना से पहले भी सोनिया रानी ने फिरोज को फोन किया था। इसके बाद वह काफी परेशान था। परिजनों का दावा है कि इसी तनाव के बीच उसने अपनी जान दे दी।
थाने पहुंचे किसान संगठन के नेता
घटना के बाद किसान यूनियन एकता डकौंदा के ब्लॉक प्रधान हेमराज सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौड़ थाने पहुंचे। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने मामले में निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
परिवार और किसान संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन मौड़ थाने के संबंधित कर्मचारी को मामले से बाहर रखने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि परिवार को न्याय नहीं मिला तो वे उच्च अधिकारियों के समक्ष मामला उठाएंगे।
इन आरोपों के कारण पुलिस की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। खासतौर पर परिवार का आरोप है कि उन्होंने पहले भी विवाद को लेकर पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई। हालांकि, इस संबंध में पुलिस रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
थाना मौड के एसएचओ बोले- बयानों के आधार पर होगी कार्रवाई
थाना मौड के एसएचओ तरुणदीप सिंह ने बताया कि मामले में बयान दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बयानों और जांच के आधार पर ही बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

