भारत में गैर कानूनी ढंग से वीजे समाप्त होने के बाद भी कई-कई वर्षों से रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को डिपोट करने के लिए पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया तथा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को भाजपा के जिलाध्यक्ष डा.सीमांत गर्ग के नेतृत्व में मांग पत्र डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया के द्वारा भेजा गया। भाजपा के जिलाध्यक्ष डा.सीमांत गर्ग के नेतृत्व में पंजाब के गर्वनर व मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र में मांग की गई कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष लोगों को गोलियों से शहीद करके 26 हिंदू नौजवानों की हत्या कर दी गई। इस जघन्य हत्याकांड में पूरे देश को झिझोड़ कर रख दिया है जिसकी भारत देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी निंदा हो रही है। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड के विरोध में केन्द्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पूरे देश के सभी राज्यों में जो पाकिस्तानी नागरिक वीजा खत्म होने के बाद भी कई-कई वर्षों से गैर कानूनी ढंग से रह रहे हैं उनकी पहचान करके उनको वापस भेजा गया है तथा जिनके वीजे लगे हुए थे, उनके वीजे रद्द करके उनकी सेवाओं को खत्म करके डिपोट करने की कार्रवाई की गई है। इसलिए भारत सरकार के गृह विभाग द्वारा 25 अप्रैल को समूह राज्यों को एक पत्र भेजकर विदेशी कानून 1946 के सेक्शन 3 (1) के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा व अन्य सेवाएं रद्द करके उनको वापस भेजने के आदेश जारी किए गए हैं। इसलिए आज भाजपा द्वारा डिप्टी कमिश्नर को मांग पत्र देकर उनसे मांग की गई है कि जो भी लोग अलग-अलग जिलों में पाकिस्तान से आकर गैर कानूनी ढंग से रह रहे हैं तथा उनके पास कोई बी दस्तावेज नहीं है तथा जिनकी वीजे की अवधि भी समाप्त हो चुकी है उनकी अधिकारियों व पुलिस द्वारा पहचान करके वापस भेजने के प्रबंध किए जाए। क्योंकि यह मामला राष्टÑीय सुरक्षा से संबंधित हैं तथा ऐसे लोगों की सूचियां तैयार करके गृह विभाग को भेजकर इनके वापस भेजने के प्रबंध किए जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र के गृह विभाग द्वारा भेजे गए पत्र तथा गैर कानूनी रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों का यहां अधिक देर रहना चिंता तथा सुरक्षा का विषय है। इसलिए इस पर तुरंत कार्रवाई पुलिस व प्रशसनिक अधिकारियों को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में हजारों की संख्या में वीजा समाप्त होने के बाद भी गैर कानूनी ढंग से पाकिस्तानी नागरिक रहने बारे गृह विभाग के पास आंकड़े हैं तथा गृह विभाग सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों, गर्वनर व पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ इन आंकड़ों को सांझा करके सख्त कार्रवाई कर रहा है।

