अपनी मांगों को लेकर नगर कौंसिल के सफाई सेवकों समेत अन्य कर्मचारियों ने बुधवार को रोष मार्च निकालते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना गुस्सा जाहिर किया। कर्मचारियों ने शहर में मार्च करते हुए मेन चौक में पहुंचकर पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला फूंका और इसके बाद एसडीएम को मांग पत्र सौंपा।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा म्युनिसिपल कर्मचारियों की जायज़ मांगों का लंबे समय से समाधान नहीं किया जा रहा है, जिसके विरोध में राज्य भर के म्युनिसिपल कर्मचारी, सफाई कर्मचारी और सीवरमैन 6 मई 2026 से अनिश्चितकालीन काम बंद हड़ताल पर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
म्युनिसिपल कर्मचारी एक्शन कमेटी पंजाब के नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों की समस्याओं और मांगों को लेकर कई बार पंजाब के लोकल गवर्नमेंट विभाग के पूर्व मंत्रियों इंदरबीर सिंह निज्जर, बलकार सिंह और डॉ. रवजोत सिंह समेत उच्च अधिकारियों के साथ बैठकों में चर्चा की जा चुकी है। इसके अलावा इन मांगों के संबंध में वित्त मंत्री के साथ भी बातचीत की गई और सरकार को कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार की उदासीनता के कारण म्युनिसिपल कर्मचारियों, सफाई कर्मियों और सीवरमैनों में भारी रोष है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द म्युनिसिपल कर्मचारी एक्शन कमेटी पंजाब के साथ पैनल मीटिंग कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो संगठन के फैसले के अनुसार पंजाब के सभी म्युनिसिपल कर्मचारी, सफाई कर्मचारी और सीवरमैन 6 मई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जो मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति की पूरी जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें
आउटसोर्स और कच्चे कर्मचारियों (सफाईसेवक , सीवरमैन, माली, कुली, इलेक्ट्रीशियन, पंप ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, क्लर्क, ड्राइवर, फायर ब्रिगेड आदि) को नियमित किया जाए।
01 जनवरी 2004 के बाद भर्ती कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) लागू की जाए और PF से रिफंडेबल लोन की अनुमति दी जाए।
31 दिसंबर 2011 तक पेंशन ऑप्शन देने वाले कर्मचारियों को पेंशन दी जाए।
समय पर वेतन देने के लिए VAT की राशि बढ़ाई जाए।
सफाई कर्मचारियों की भर्ती में सफाई बैकग्राउंड वाले उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
सफाई कर्मचारी, सीवरमैन और फायरमैन के लिए 20 लाख रुपये का वार्षिक दुर्घटना बीमा लागू किया जाए।
यूनिफॉर्म, बूट, जर्सी और धुलाई भत्ते की दरें चार गुना बढ़ाई जाएं।
सफाई कर्मचारियों की स्पेशल सैलरी बढ़ाकर 1000 रुपये प्रति माह की जाए।
टू-व्हीलर के लिए फ्यूल अलाउंस और विशेष इंक्रीमेंट दिया जाए।
क्लर्क को 15 साल सेवा के बाद इंस्पेक्टर और पंप ऑपरेटर को जेई पद पर पदोन्नति दी जाए।
नगर निगम कर्मचारियों को 20 साल सेवा के बाद रिटायरमेंट लाभ दिए जाएं।
कर्मचारियों के लिए कैशलेस हेल्थ स्कीम लागू की जाए।
बिना शर्त अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
कर्मचारी की मृत्यु पर मिलने वाली एक्स-ग्रेशिया ग्रांट चार गुना बढ़ाई जाए।
सफाई सेवकों और सीवरमैन की बेसिक सैलरी 30,000 रुपये की जाए।
बराबर काम के लिए बराबर वेतन लागू किया जाए।
कूड़ा उठाने के लिए हाथ-रिक्शा की जगह ई-रिक्शा दिए जाएं।
कर्मचारियों का बकाया PF ब्याज सहित जमा कराया जाए।
महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के समान दिया जाए और बकाया जारी किया जाए।
छठे वेतन आयोग की विसंगतियों को दूर किया जाए और सातवां वेतन आयोग जल्द गठित किया जाए।

