गांव ढाब ब्राह्मण वाला के नजदीक कर्ज से परेशान दो सगे किसान भाइयों द्वारा एक्सप्रेस ट्रेन के आगे आकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतकों की पहचान गांव हरीनौ निवासी जसकरण सिंह (38) और उसके छोटे भाई जसविंदर सिंह उर्फ जोरा (34) के रूप में हुई है। इस मामले में जीआरपी पुलिस ने दोनों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए फरीदकोट के मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है और परिजनों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जानकारी के अनुसार, आठ भाई-बहनों में सबसे छोटे ये दोनों भाई आपस में काफी प्यार से रहते थे और साथ मिलकर खेतीबाड़ी व अन्य काम करते थे। गांव वालों के मुताबिक, परिवार के पास भले ही कम जमीन थी, लेकिन वे ठेके पर जमीन लेकर भी खेती करते थे। दोनों भाई एक ही घर में विवाहित थे, जिससे परिवार में अच्छा तालमेल था। लेकिन सिर पर चढ़े कर्ज के कारण वे काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। इसी परेशानी के चलते उन्होंने गांव ढाब ब्राह्मण वाला के पास से गुजर रही रेलवे लाइन पर छिंदवाड़ा एक्सप्रेस के आगे आकर आत्महत्या कर ली। दोनों भाई एक ही एक्टिवा पर सवार होकर रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे और दोनों ने एक दूसरे का हाथ पकड़कर यह कदम उठाया। इस संबंध में गांव की गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान कुलदीप सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों में आपसी प्रेम बहुत अधिक था और उन्होंने कर्ज से तंग आकर यह कदम उठाया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि परिवार का कर्ज माफ कर आर्थिक सहायता दी जाए,। दोनों अपने बुजुर्ग माता पिता ,पत्नियों के अलावा एक-एक छोटी बच्ची छोड़ गए है।
इस मामले में जीआरपी चौकी के एएसआई व जांच अधिकारी रजिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। दोनों शव कब्जे में लेकर जांच की जा रही है और मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

