पंजाब बचाओ रैली” के लंगर पर सियासी संग्राम, अकाली दल ने AAP समर्थक सरपंच को दी 24 घंटे की चेतावनी

voice punjabtime
3 Min Read
Oplus_131072

 

जगराओं में 18 मार्च को हुई शिरोमणि अकाली दल की “पंजाब बचाओ रैली” अब सियासी विवाद का केंद्र बन गई है। रैली में परोसे गए लंगर को लेकर आम आदमी पार्टी और अकाली दल के नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जिससे माहौल और गरमा गया है।

गांव डल्ला के सरपंच और आम आदमी पार्टी के समर्थक गोपाल सिंह पाली ने आरोप लगाया था कि रैली में परोसा गया लंगर गुरुद्वारा गुरुसर काउंके से लाया गया था। इस बयान को अकाली दल ने सिख परंपराओं और धार्मिक मर्यादा के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।

अकाली दल हलका जगराओं की पूरी लीडरशिप ने सरपंच के बयान को “बेबुनियाद और सस्ती राजनीति” करार देते हुए उन्हें 24 घंटे के भीतर अपने आरोपों के पुख्ता सबूत पेश करने की चुनौती दी है। साथ ही साफ चेतावनी दी गई है कि अगर वह अपने बयान को साबित नहीं कर पाए तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कोर कमेटी मेंबर और हलका इंचार्ज एस.आर. कलेर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “पंजाब बचाओ रैली” की ऐतिहासिक कामयाबी से विरोधी दलों में घबराहट फैल गई है और इसी बौखलाहट में झूठे और भड़काऊ बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि AAP समर्थक सरपंच ने बदनीयती से यह आरोप लगाया है और इसका उन्हें भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

कलेर ने स्पष्ट किया कि रैली में परोसा गया लंगर किसी भी गुरुद्वारे से नहीं लाया गया, बल्कि इसे लाखों रुपये खर्च कर एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के जरिए तैयार करवाया गया था और कार्यकर्ताओं को परोसा गया था।

वहीं गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि सरपंच द्वारा गुरुद्वारों का नाम लेकर राजनीति करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोधी दल अकाली दल की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर धार्मिक संस्थानों को भी राजनीति में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं।

जिला अध्यक्ष चांद सिंह डल्ला, पूर्व चेयरमैन दीदार सिंह मलिक और हलका अध्यक्ष शिवराज सिंह सरपंच ने भी सरपंच पाली के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उनके पास कॉन्ट्रैक्टर द्वारा ली गई रकम के दस्तावेज और उस स्थान की CCTV फुटेज मौजूद है, जहां लंगर तैयार किया गया था, जो सच्चाई सामने लाने के लिए काफी है।

अकाली नेताओं ने साफ कहा कि अगर 24 घंटे के भीतर सरपंच अपने आरोपों के सबूत नहीं देते और सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगते, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई तय है

 

इस मौके पर सर्कल प्रेसिडेंट सरप्रीत सिंह काउंके, रणधीर सिंह चकर, मंदीप सिंह गालिब, गुरुद्वारा गुरुसर मैनेजर गुरप्रीत सिंह काउंके, आईटी विंग कोऑर्डिनेटर गुरप्रीत सिंह बसुवाल सहित कई अकाली नेता मौजूद थे।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *