मोगा सफाई कर्मियों द्वारा सेवाएं स्थगित किए जाने से शहरों में कूड़ा न उठने की समस्या के बीच जिला मजिस्ट्रेट-सह-डिप्टी कमिश्नर सागर सेतिया ने हालात से निपटने के लिए अहम आदेश जारी किए हैं। उन्होंने जिले के सभी एसडीएम, नगर परिषदों एवं नगर पंचायतों के कार्यकारी अधिकारियों, सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था कर कूड़ा उठाने और उसके वैज्ञानिक निपटान के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट, 1911 की धारा 233/234 के तहत मिली शक्तियों का उपयोग करते हुए जारी आदेशों में कहा है कि सभी शहरी निकाय अपने-अपने क्षेत्रों के वार्डों, बाजारों, अस्पतालों और सार्वजनिक स्थानों पर जमा कूड़े को ठेकेदार एजेंसियों, आउटसोर्स कर्मचारियों, किराये के वाहनों और मशीनरी अथवा अन्य विभागों के सहयोग से तुरंत उठाने की व्यवस्था करें। इस पर होने वाला खर्च संबंधित नगर निकाय के म्यूनिसिपल फंड से वहन किया जाएगा। आदेशों के अनुसार अस्पतालों, डिस्पेंसरी, स्कूलों, बाजारों, जल स्रोतों, नालियों और अन्य संवेदनशील स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी ताकि संक्रमण और बीमारियों के फैलने का खतरा कम किया जा सके। डीसी ने सिविल सर्जन और जिला स्वास्थ्य अधिकारी को पूरे जिले में युद्ध स्तर पर एंटी-लार्वा स्प्रे, नालियों और जल स्रोतों की क्लोरीनेशन कराने तथा सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों और आईवी फ्लूड (ड्रिप) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही सभी एसडीएम और कार्यकारी अधिकारियों को प्रतिदिन कूड़ा उठाने की स्थिति, कवर किए गए क्षेत्रों और कानून-व्यवस्था से संबंधित रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजने के आदेश दिए गए हैं। यह व्यवस्था सफाई सेवाएं सामान्य होने या अगले आदेश तक लागू रहेगी। डीसी सागर सेतिया ने कहा कि लंबे समय से कूड़ा नहीं उठने और मौजूदा मानसून के कारण मच्छरों व दूषित पानी से फैलने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेशों की अवहेलना करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट तथा संबंधित सेवा नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

