बढ़ते प्रदूषण, ग्लोबल वार्मिंग और पेड़ों की लगातार कटाई के कारण पर्यावरण का संतुलन बिगड़ रहा है। ऐसे समय में हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह पेड़ों की देखभाल करे और अधिक से अधिक पेड़ लगाकर प्रकृति की रक्षा में योगदान दे। इस संबंधी जानकारी देते हुए आई.एस.एफ.कालेज आफ फार्मेसी के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, सचिव इंजी. जनेश गर्ग, डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता, आई.एस.एफ.सी.पी.आर. के प्रिंसिपल डा. आर.के.नारंग ने कहा कि पेड़ प्रकृति का सबसे अनमोल उपहार हैं। इनके बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। पेड़ हमें जीवन देने वाली आॅ क्सीजन देते हैं, पर्यावरण को साफ रखते हैं, धरती के तापमान को संतुलित रखते हैं और कई पक्षियों और जानवरों के लिए आश्रय स्थल बनते हैं। उन्होंने कहा कि आज विकास के नाम पर गैर-जरूरी पेड़ काटे जा रहे हैं, जिससे प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। इसका सीधा असर मानव स्वास्थ्य, खेती और प्राकृतिक संतुलन पर पड़ रहा है। अगर हमने अभी इसका ध्यान नहीं रखा, तो आने वाली पीढ़ियों को साफ हवा, शुद्ध पानी और स्वस्थ वातावरण देना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि स्कूल, कॉलेज, सामाजिक संगठन और गांव की पंचायतों को समय-समय पर पेड़ लगाने के कैंपेन चलाने चाहिए, ताकि लोगों में पर्यावरण के बारे में जागरूकता पैदा हो सके। बच्चों को छोटी उम्र से ही प्रकृति से प्यार करना और पेड़ों का महत्व सिखाना बहुत जरूरी है।

