राज्य की प्रमुख शिक्षण संस्था आई.एस.एफ.कालेज आफ फार्मेसी में स्ट्रैस मैनेजमेंट एवं विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह आयोजन एन.एस.एस. के द्वारा आयोजित किया गया। सर्वप्रथम एन.एस.एस. के कोआडीनेटर लवकेश सिंह ने संस्था के डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता एवं डा.जी.एस.शर्मा डीन स्टूडेंट वेलफेयर का पौधा देकर स्वागत किया। इस मौके पर तीन छात्रों मंजीत सिंह धालीवाल, कमलजीत कौर व उपकार सिंह ने अपने विचार रखे। संस्था के डायरेक्टर डा.जी.डी.गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आत्महत्या जैसी समस्याएं लगातार देश में बढ़ रही है इसका मुख्य कारण आवश्यकता से अधिक तनाव, अपशाद, अकेलापन, पारिवारिक समस्या, रिलेशनशिप, परीक्षा परिणाम, भविष्य की चिंता एवं बदलता दृष्टिकोण है। समाज के हर नागरिक की यह जिम्मेवारी है कि वह इस प्रकार की समस्या से जूझ रहे व्यक्ति को मानसिक, आर्थिक के साथ-साथ मनोबल दें एवं लगातार वार्तालाप करने से इस प्रकार के संकट से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही किसी चीज का न प्राप्त होना जीवन का अंत नहीं है, यह दृष्टिकोण लोगों के अंदर देना चाहिए। बदलती जीवनशैली में हर व्यक्ति अल्प समय में बहुत सारी चीजों को करना चाहता है जिसके कारण यह समस्या मूल रूप ले लेती है। इससे निजात पाने के लिए मेडीटेशन, योगा, व्यायाम एवं आवश्यकता से अधिक चिंतन को छोड़कर ईश्वर के द्वारा दी गई चीजों का सही उपयोग कर इस भव्य जीवन को सुखी एवं उपयोगी बनाना चाहिए। अंत में सभी का धन्यवाद लवकेश सिंह ने किया।

