शहर की प्रमुख शिक्षण संस्था द लर्निंग फील्ड ए ग्लोबल स्कूल (टी.एल.एफ) में आज श्री सुखमनी साहिब का पाठ श्रद्धा एवं भक्ति भाव से करवाया गया। इस धार्मिक आयोजन का उद्देश्य स्कूल परिवार की सुख-शांति, खुशहाली, समृद्धि एवं निरंतर सफलता के लिए वाहेगुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त करना था। इस अवसर पर पूरा स्कूल परिसर गुरबाणी के पवित्र शब्दों से आध्यात्मिक वातावरण में रंग गया। समारोह में स्कूल प्रबंधन कमेटी के चेयरमैन प्रवीण गर्ग, चेयरमैन इंजी. जनेश गर्ग, डायरेक्टर डॉ. मुस्कान गर्ग, प्रिंसिपल नीतू डांडी, आई.एस.एफ. कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डायरेक्टर डॉ. जी.डी. गुप्ता एवं आई.एस.एफ.सी.पी.आर. के प्रिंसिपल डॉ. आर.के. नारंग विशेष रूप से उपस्थित रहे। स्कूल के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने श्रद्धा के साथ श्री सुखमनी साहिब के पाठ में भाग लिया। इस दौरान किंडरगार्टन से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने उत्साह एवं श्रद्धा से हिस्सा लेकर स्कूल में एकता और सांझे संस्कारों की सुंदर मिसाल पेश की। किंडरगार्टन के नन्हे विद्यार्थियों ने ‘इक ओंकार’ की प्रस्तुति देकर परमात्मा की एकता का संदेश दिया। कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों ने शबद कीर्तन प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों ने भी पूरी श्रद्धा एवं अनुशासन के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता की। कार्यक्रम के अंत में बाबा जी द्वारा अरदास की गई। अरदास के दौरान स्कूल प्रबंधन, विद्यार्थियों, अध्यापकों, स्टाफ सदस्यों एवं पूरे टी.एल.एफ. परिवार के लिए अच्छे स्वास्थ्य, सुख-शांति, समृद्धि, सफलता, ज्ञान एवं चढ़दी कला की कामना की गई। चेयरमैन इंजीनियर जनेश गर्ग ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को अकादमिक रूप से मजबूत बनाना नहीं, बल्कि उनके भीतर विनम्रता, अनुशासन, दया, सेवा भावना और अच्छे संस्कार पैदा करना भी है। ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डायरेक्टर डॉ. मुस्कान गर्ग ने कहा कि श्री सुखमनी साहिब का पाठ पूरे स्कूल परिवार के लिए आस्था, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अवसर है। गुरबाणी हमें मानवता, प्रेम, सेवा, विनम्रता और एक-दूसरे का सम्मान करने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि टी.एल.एफ. विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें मजबूत नैतिक एवं मानवीय मूल्यों का निर्माण करने के लिए भी प्रतिबद्ध है। श्री सुखमनी साहिब के पाठ, शबद कीर्तन एवं सामूहिक अरदास ने सभी को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध किया। कार्यक्रम ने पूरे टी.एल.एफ. परिवार को एकता, श्रद्धा और निःस्वार्थ सेवा का संदेश दिया।

