डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन पंजाब की ओर से अपनी मांगों को लेकर 31 अक्टूबर को वन मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के आवास के बाहर रोष धरना दिया जाएगा। इस संदर्भ में यूनियन की अमृतसर के कंपनी बाग में बलजिंदर सिंह मिंटू की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि साढ़े चार साल बीतने के बावजूद वन मंत्री के साथ हुई बैठकों में आश्वासनों के अलावा कुछ हासिल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि लंबे समय से काम कर रहे कर्मचारियों की सीनियरिटी सूची में त्रुटियां दूर नहीं की गईं। इसके कारण 20-20 साल से सेवाएं दे रहे कई कर्मचारी नियमित होने और वित्तीय लाभों से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि 16 मई 2023 की नीति के तहत अर्ध-नियमित किए गए कच्चे कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के बराबर सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने नीति में संशोधन कर दर्जा चार कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने और समान काम के लिए समान वेतन का सिद्धांत लागू करने की मांग की। यूनियन ने 1996 से 2006 की नीति के तहत 72 कर्मचारियों की सूची में से रह गए कर्मचारियों को नियमित करने के साथ 2026 तक दस साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को भी नियमित करने की मांग उठाई। प्रदेश प्रधान रछपाल सिंह और हरिंदर कुमार ने कहा कि 31 अक्टूबर के धरने में विभिन्न वन रेंजों और वन मंडलों से बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल होंगे। इस मौके पर कुनण सिंह जल्लूपुर, निर्मल सिंह, सुखा सिंह लोहगढ़, बाबा गुलजार सिंह डिहरीवाला, जसबीर सिंह निबरविड़, याकूब मसीह और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।

