आध्यात्मिक चेतना, गुरु-भक्ति, सेवा एवं मानव कल्याण की प्रेरणादायी परंपरा को समर्पित गीता भवन मोगा, गीता भवन पब्लिक स्कूल तथा पावन धाम आश्रम, हरिद्वार के संस्थापक परम पूज्य सतगुरुदेव स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज की 15वीं पुण्यतिथि श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण में मनाई गई। इस पावन अवसर पर गीता भवन मोगा में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जबकि पावन धाम आश्रम, हरिद्वार में संत भंडारे के माध्यम से गुरु-सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया गया। श्रद्धालुओं ने सतगुरुदेव की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका स्मरण किया तथा उनके दिखाए आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। पुण्यतिथि के अवसर पर गीता भवन मोगा में प्रातःकाल पाठ एवं संकीर्तन किया गया। इसके उपरांत स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित कर आरती की गई। शाम के समय समाधि स्थल पर पुनः आरती, सुंदरकांड पाठ एवं संकीर्तन का आयोजन हुआ। प्रभु के गुणगान से वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम के उपरांत भंडारे का आयोजन किया गया तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
पावन धाम आश्रम, हरिद्वार में भी संतों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। संतों को श्रद्धापूर्वक भोजन करवाने के पश्चात परम पूज्य स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर गुरु-सेवा, संत सेवा एवं परोपकार की उस परंपरा को स्मरण किया गया, जिसे सतगुरुदेव ने अपने जीवन और आध्यात्मिक शिक्षाओं के माध्यम से समाज के समक्ष प्रस्तुत किया। इस अवसर पर गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुनील कुमार गर्ग एवं महामंत्री अंशुल श्रीकुंज सहित सुरेंद्र गोयल, युगेश गर्ग, मनविंदर सगू एवं भरत अग्रवाल ने स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा आरती में भाग लेकर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट सुनील कुमार गर्ग ने परम पूज्य स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि सतगुरुदेव का जीवन त्याग, तपस्या, आध्यात्मिक साधना, सेवा एवं मानव कल्याण का अनुपम उदाहरण था। उनके द्वारा स्थापित संस्थाएं केवल धार्मिक एवं शैक्षणिक केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, सदाचार, आध्यात्मिक चेतना और समाज सेवा के ऐसे पवित्र केंद्र हैं, जो आने वाली पीढ़ियों को भी सही दिशा प्रदान करते रहेंगे। उन्होंने भावपूर्ण शब्दों में कहा कि सतगुरुदेव स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन सदैव उन पर और समस्त गीता भवन परिवार पर बना रहे। उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलते हुए गीता भवन मोगा, गीता भवन पब्लिक स्कूल तथा पावन धाम आश्रम, हरिद्वार निरंतर उन्नति एवं प्रगति करते रहें और श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों तथा समाज के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा के केंद्र बने रहें। उन्होंने कहा कि गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी सतगुरुदेव की शिक्षाओं, आदर्शों एवं सिद्धांतों को आत्मसात करते हुए धर्म, सेवा, शिक्षा और मानव कल्याण के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाती रहेगी। सतगुरुदेव के चरणों में सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि उनके बताए सत्य, प्रेम, करुणा, सदाचार एवं परोपकार के मार्ग पर चलते हुए समाज की सेवा की जाए। उन्होंने परमात्मा से प्रार्थना की कि सतगुरुदेव का आशीर्वाद सदैव बना रहे और ट्रस्ट सोसाइटी को उनके आदर्शों के अनुरूप कार्य करने की शक्ति एवं सद्बुद्धि प्राप्त होती रहे। गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी के महामंत्री अंशुल श्रीकुंज ने भी परम पूज्य स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सतगुरुदेव की शिक्षाएं आज भी समाज को धर्म, भक्ति, अनुशासन, सदाचार एवं मानव सेवा की प्रेरणा प्रदान करती हैं। उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं की उन्नति एवं सेवा कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाना गीता भवन परिवार का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि गुरुजनों का आशीर्वाद जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। सतगुरुदेव के बताए मार्ग पर चलते हुए गीता भवन ट्रस्ट सोसाइटी धार्मिक एवं सामाजिक सेवा के कार्यों को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ जारी रखेगी। गीता भवन मोगा, गीता भवन पब्लिक स्कूल तथा पावन धाम आश्रम, हरिद्वार के माध्यम से धार्मिक संस्कारों, आध्यात्मिक चेतना एवं शिक्षा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास निरंतर किया जाता रहेगा। स्वामी वेदान्तानंद जी महाराज की 15वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम गुरु-भक्ति, श्रद्धा, सेवा एवं समर्पण का प्रतीक बना। श्रद्धालुओं ने सतगुरुदेव की पावन स्मृतियों को नमन करते हुए उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा उनकी आध्यात्मिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

